कुल्लू। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने जैसे ही 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित किया। जिसके बाद कुल्लू जिला में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। बता दें कि इस जिला से बेटी ज्योतिका सेन ने पूरे प्रदेश में स्कूल का नाम रोशन किया है।
भारत भारती स्कूल की इस मेहनती छात्रा ने 690 अंक लेकर प्रदेशभर में सातवां स्थान हासिल किया और कुल्लू जिले की इकलौती छात्रा बनीं, जिसका नाम टॉप-10 की मेरिट लिस्ट में दर्ज हुआ।
यह भी पढ़ें : हिमाचल की टॉपर बनी मुदिता, पिता करते हैं दुकानदारी- बेटी बनना चाहती है डॉक्टर
सुबह 4 बजे उठने वाली टॉपर
ज्योतिका की कामयाबी यूं ही नहीं आई। उन्होंने खुद बताया कि वे रोजाना सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई करती थीं। ज्योतिका ने बताया कि उन्होंने स्कूल और प्री-बोर्ड परीक्षाओं में हुई अपनी गलतियों को गंभीरता से लिया और रिवीजन को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया।
लाहौल से कुल्लू तक का सफर सिर्फ पढ़ाई के लिए
ज्योतिका के माता-पिता मूल रूप से लाहौल घाटी से ताल्लुक रखते हैं। बेहतर शिक्षा के लिए पूरा परिवार कुल्लू शिफ्ट हुआ। पिता व्यवसाय करते हैं और माता गृहिणी हैं। घर में दो बड़ी बहनें हैं। परिजन बेटी की इस सफलता से गदगद हैं। "हमने कुल्लू सिर्फ बेटियों की पढ़ाई के लिए चुना था, और आज लगता है जैसे हमारा हर त्याग सफल हो गया," पिता की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार का नया प्लान- इस जिला में लगेगा देश का पहला ऐसा उद्योग, 5000 लोगों को मिलेगा रोजगार
प्रेरणा बनी कुल्लू की बेटी
ज्योतिका आज जिले की बेटियों के लिए एक मिसाल बन गई हैं। उन्होंने अन्य छात्रों को भी संदेश देते हुए कहा कि अगर आप शुरू से पढ़ाई में लगे रहें और घबराए बिना लगातार मेहनत करें, तो मेरिट लिस्ट में पहला स्थान भी आपका हो सकता है।
एक साधारण परिवार की असाधारण बेटी
जहां अक्सर बड़े शहरों के बच्चे महंगे कोचिंग और संसाधनों के सहारे मेरिट में जगह बनाते हैं, वहीं ज्योतिका की कहानी बताती है कि संघर्ष, अनुशासन और आत्मविश्वास से ही असली सफलता मिलती है।
