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June 14, 2026

हिमाचल : NDA में अनफिट होने पर भी नहीं हारा कुनाल, इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट बन रचा इतिहास

बचपन से था अधिकारी बनने का सपना

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lieutenant kunal jaggi nagrota surian nda disqualified kangra himachal

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक और युवा ने भारतीय सेना में अधिकारी बनकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। नगरोटा सूरियां क्षेत्र की ग्राम पंचायत बरयाल के निवासी कुनाल जग्गी ने कठिन परिश्रम, दृढ़ संकल्प और अटूट लगन के बल पर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट का पद हासिल किया है।

इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट बने कुनाल

उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के दौरान कुनाल के कंधों पर अधिकारी के सितारे सजे।

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पूरे परिवार में खुशी का माहौल

यह क्षण उनके परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बन गया। समारोह में देश की राष्ट्रपति और तीनों सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं और नव नियुक्त अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया।

बचपन से था अधिकारी बनने का सपना

कुनाल जग्गी का सेना में अधिकारी बनने का सपना बचपन से ही था। उनका लक्ष्य भारतीय सेना की लड़ाकू इकाइयों में शामिल होकर देश सेवा करना था। इस दिशा में उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी की परीक्षा भी दी। मगर एक चिकित्सीय कारण के चलते उनका चयन नहीं हो पाया।

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NDA में अनफिट होने पर भी नहीं हारा कुनाल

यह उनके लिए एक बड़ा झटका था, लेकिन उन्होंने निराशा को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। कुनाल ने अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगातार मेहनत जारी रखी। उन्होंने अपनी तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण पर पूरा ध्यान केंद्रित किया तथा हर चुनौती का डटकर सामना किया।

 

kunal jaggi from nagrota surian becomes lieutenant in army

लेफ्टिनेंट बन रचा इतिहास

आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें भारतीय सेना की प्रतिष्ठित मराठा लाइट इन्फैंट्री में स्थान प्राप्त हुआ। इस उपलब्धि के साथ उनका वर्षों पुराना सपना साकार हो गया।

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विरासत में मिली देश सेवा

देशभक्ति और सैन्य सेवा की भावना उन्हें परिवार से विरासत में मिली है। उनके पिता मनिंदर सिंह भारतीय सेना में सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वहीं, उनकी माता वंदना गृहिणी हैं और उन्होंने हमेशा बेटे को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। परिवार के सहयोग और मार्गदर्शन ने कुनाल की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सैनिक स्कूल से की पढ़ाई

शिक्षा के क्षेत्र में भी कुनाल का प्रदर्शन हमेशा उत्कृष्ट रहा है। उन्होंने सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा से पढ़ाई की, जहां वे अपनी प्रतिभा, अनुशासन और बहुआयामी उपलब्धियों के लिए जाने जाते थे। विद्यालय में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रतिष्ठित गोल्डन टॉर्च सम्मान से भी सम्मानित किया गया था।

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पूरे क्षेत्र में खुशी

जैसे ही कुनाल के सेना में अधिकारी बनने और मराठा लाइट इन्फैंट्री में शामिल होने की खबर नगरोटा सूरियां और बरयाल पंचायत पहुंची, पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों, रिश्तेदारों और मित्रों ने परिवार को बधाई देते हुए इसे पूरे इलाके के लिए गर्व का क्षण बताया।

युवाओं के लिए प्रेरणा बने कुनाल

कुनाल जग्गी की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिनाइयों और असफलताओं के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने का साहस रखते हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर जारी रहें, तो सफलता एक दिन जरूर कदम चूमती है।

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