सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के उपमंडल संगड़ाह क्षेत्र की होनहार छात्रा दिव्या ज्योति ने अपनी मेहनत, लगन और मजबूत इरादों के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ग्राम पंचायत गवाही के गांव कुफ्फर कायरा की रहने वाली दिव्या ने देश की प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-2026 में अपने पहले ही प्रयास में शानदार प्रदर्शन करते हुए 93 परसेंटाइल हासिल किए हैं।

 

दिव्या की इस सफलता से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा संगड़ाह क्षेत्र गौरवान्वित महसूस कर रहा है। छोटी सी जगह से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की कठिन परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन करना उनकी मेहनत और प्रतिभा को दर्शाता है। दिव्या की उपलब्धि की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने उन्हें बधाइयां देनी शुरू कर दीं।

एक साल में चार बड़ी परीक्षाओं में सफलता की हासिल

दिव्या ज्योति की सफलता की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने केवल NEET-2026 में ही नहीं, बल्कि इसी वर्ष कई अन्य प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल की है।

 

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दिव्या ने JEE Mains, NEST और IISER IAT जैसी देश की महत्वपूर्ण परीक्षाओं में भी शानदार प्रदर्शन किया है। एक ही वर्ष में चार बड़ी परीक्षाओं में सफलता हासिल करना उनकी मेहनत, लगन और बेहतरीन तैयारी का प्रमाण है। दिव्या ने साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य तय हो और पूरी ईमानदारी से मेहनत की जाए तो कठिन से कठिन परीक्षा में भी सफलता हासिल की जा सकती है।

शिक्षक माता-पिता ने हमेशा किया बेटी का हौसला बढ़ाया

दिव्या ज्योति, कपिल मोहन और अनिता की पुत्री हैं। उनके माता-पिता दोनों ही शिक्षक हैं। शिक्षा से जुड़े परिवार में पली-बढ़ी दिव्या को बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रहने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। 

 

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माता-पिता ने बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए हमेशा उसका साथ दिया और उसे सकारात्मक माहौल उपलब्ध करवाया। परिवार के सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने दिव्या को अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ने में मदद की। दिव्या के परिवार का कहना है कि सफलता के लिए मेहनत के साथ-साथ धैर्य और अनुशासन भी जरूरी है, जिसे दिव्या ने हमेशा अपनी जिंदगी में अपनाया।

संगड़ाह से शुरू हुआ सफर

दिव्या ज्योति ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बाल विद्या निकेतन पब्लिक स्कूल, संगड़ाह से प्राप्त की। उन्होंने यहां पहली कक्षा से लेकर दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने जमा एक और जमा दो की शिक्षा अरिहंत इंटरनेशनल स्कूल, नाहन से पूरी की।

 

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स्कूल समय से ही दिव्या पढ़ाई में मेहनती और अनुशासित छात्रा रही हैं। उन्होंने नियमित अध्ययन, समय का सही प्रबंधन और लगातार अभ्यास को अपनी सफलता का आधार बनाया। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान भी उन्होंने अपनी पढ़ाई को लेकर पूरी गंभीरता दिखाई और कठिन मेहनत के दम पर एक के बाद एक सफलता हासिल करती गईं।

लाखों अभ्यर्थियों के बीच हासिल किया शानदार मुकाम

NEET परीक्षा देश की सबसे कठिन मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों विद्यार्थी डॉक्टर बनने के सपने के साथ इस परीक्षा में शामिल होते हैं। NEET-2026 में भी करीब 23 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया।

 

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इतने बड़े स्तर की प्रतिस्पर्धा के बीच दिव्या ज्योति ने अपने पहले ही प्रयास में 93 परसेंटाइल हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। यह उपलब्धि उनकी मेहनत, आत्मविश्वास और सही रणनीति के साथ की गई तैयारी का नतीजा है। दिव्या की सफलता उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा है, जो छोटे क्षेत्रों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं।

दिव्या की उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी का माहौल

दिव्या ज्योति की इस शानदार सफलता पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें और उनके परिवार को शुभकामनाएं दी हैं। लोगों ने कहा कि दिव्या ने अपनी मेहनत से पूरे सिरमौर जिले का नाम रोशन किया है।

 

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उनकी सफलता आने वाली पीढ़ी के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगी और यह संदेश देती है कि मेहनत, अनुशासन और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। दिव्या ज्योति अब अपनी आगे की पढ़ाई और भविष्य के लक्ष्यों को लेकर उत्साहित हैं। उनकी यह सफलता हिमाचल की बेटियों के लिए भी एक मिसाल बनकर सामने आई है।