#उपलब्धि

June 19, 2026

हिमाचल की नाजिया ने नर्सिंग छोड़ पढ़ी संस्कृत, कॉलेज में किया टॉप- बनी मिसाल

नाजिया ने नर्सिंग, JBT और शास्त्री की प्रवेश परीक्षाएं क्लियर की थीं

शेयर करें:

Sanskrit College Nahan Inspirational Story Nazia Paonta Sahib Gorakhnath himachal

सिरमौर। जहां अक्सर भाषाओं और शिक्षा को धर्म के चश्मे से देखा जाता है। वहीं हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की एक बेटी ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है।

नाजिया ने संस्कृत में किया टॉप

मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखने वाली नाजिया ने संस्कृत विषय में शास्त्री फाइनल ईयर की परीक्षा में पूरे कॉलेज में पहला स्थान हासिल कर सबको गौरवान्वित किया है। मूल रूप से पांवटा साहिब उपमंडल के गांव रामपुर बंजारन, डाकघर धौलाकुआं की रहने वाली नाजिया, सलीम मोहम्मद और संजीदा की बेटी हैं।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : स्टाफ नर्स की नौकरी छोड़ बनीं प्रधान- लुआंचड़ी पहन शपथ लेने पहुंचीं, जीता सबका दिल

कॉलेज में किया पहला स्थान हासिल

 सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा उनकी पढ़ाई को प्राथमिकता दी। नाजिया ने अपनी मेहनत के दम पर शास्त्री फाइनल ईयर की परीक्षा में 1000 में से 785 अंक प्राप्त कर कॉलेज में पहला स्थान हासिल किया।

करियर के कई विकल्प थे, लेकिन चुनी संस्कृत

नाजिया की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जमा दो के बाद उन्होंने नर्सिंग, जेबीटी और शास्त्री तीनों की प्रवेश परीक्षाएं उत्तीर्ण कर ली थीं। उनके सामने करियर के कई विकल्प मौजूद थे, लेकिन अपनी रुचि और शिक्षिका के मार्गदर्शन पर उन्होंने संस्कृत कॉलेज नाहन में दाखिला लेने का फैसला किया। आज उनकी यही पसंद उनके लिए बड़ी उपलब्धि बन गई है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में अगले 5 दिन बिगड़ा रहेगा मौसम- कई जिलों में ओलावृष्टि और तूफान का ऑरेंज अलर्ट

कॉलेज प्रबंधन ने दी बधाई

गोरक्षनाथ राजकीय संस्कृत कॉलेज नाहन के प्राचार्य डॉ. नरेश शर्मा और सहायक प्रोफेसर ताराचंद ने बताया कि नाजिया ने वार्षिक परीक्षा में पूरे कॉलेज में पहला स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि मुस्लिम समुदाय से ही आयशा परवीन भी शास्त्री द्वितीय वर्ष की परीक्षा पास कर फाइनल ईयर में पहुंची हैं।

मेहनत और लगन की मिसाल बनी नाजिया

एक साधारण परिवार से आने वाली नाजिया की इस उपलब्धि की हर तरफ सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा और भाषा की कोई सीमा नहीं होती। नाजिया की यह उपलब्धि उन लोगों के लिए भी एक संदेश है, जो ज्ञान को धर्म और जाति के दायरे में बांधकर देखते हैं।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख