सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई से एक ऐसी कामयाबी की खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। बूटियाना गांव की रहने वाली दो सगी बहनों काजल शर्मा और मंजू शर्मा ने एक साथ यूजीसी-नैट परीक्षा क्वालीफाई कर अपनी मेहनत और लगन का लोहा मनवाया है। खास बात यह है कि दोनों बहनों के पिता दिहाड़ी-मजदूरी कर परिवार चलाते हैं, लेकिन आर्थिक चुनौतियों के बावजूद बेटियों ने पढ़ाई का साथ नहीं छोड़ा और लगातार मेहनत करते हुए यह बड़ी उपलब्धि हासिल की।

पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की भी करती रहीं तैयारी

काजल और मंजू ने अपनी नियमित पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी जारी रखी। दोनों बहनों का कहना है कि परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने लगातार पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखने पर सबसे ज्यादा जोर दिया। इसी मेहनत का नतीजा रहा कि दोनों ने यूजीसी-नैट जैसी परीक्षा में सफलता हासिल की।

 

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SET परीक्षा में भी हासिल कर चुकी हैं सफलता

यूजीसी-नैट से पहले दोनों बहनें सेट परीक्षा भी पास कर चुकी हैं। काजल शर्मा ने हिंदी विषय में हाल ही में सेट परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद उन्होंने यूजीसी-नैट में भी सफलता हासिल कर ली। वहीं, मंजू शर्मा ने इतिहास विषय में नेट परीक्षा पास की है। दोनों बहनों ने लगातार मेहनत करते हुए अपनी पढ़ाई में एक के बाद एक उपलब्धियां हासिल की हैं।

दिहाड़ी-मजदूरी कर परिवार चलाते हैं पिता

काजल और मंजू के पिता रमेश शर्मा दिहाड़ी-मजदूरी का काम करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के बावजूद उन्होंने अपनी बेटियों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। सीमित साधनों के बीच दोनों बहनों ने पढ़ाई को अपनी प्राथमिकता बनाया और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लगातार मेहनत करती रहीं।

 

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मुश्किल हालात को पढ़ाई के रास्ते में नहीं बनने दिया रोड़ा

परिवार की आर्थिक स्थिति के चलते दोनों बहनों के सामने कई तरह की चुनौतियां रहीं, लेकिन उन्होंने इन परेशानियों को अपनी पढ़ाई के बीच नहीं आने दिया। दोनों ने अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा और लगातार मेहनत करती रहीं। यूजीसी-नैट में मिली सफलता उनकी इसी मेहनत और लंबे समय से की जा रही तैयारी का नतीजा है।

गांव और क्षेत्र के लोगों ने दी बधाई

काजल और मंजू की सफलता की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों और ग्रामीणों में खुशी की लहर है। लोगों ने दोनों बहनों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों बहनों ने बूटियाना गांव के साथ-साथ शिलाई और पूरे सिरमौर जिले का नाम रोशन किया है।

 

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दूसरे विद्यार्थियों के लिए बनीं मिसाल

काजल और मंजू की सफलता उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा है, जो कम सुविधाओं के बावजूद आगे बढ़ने का सपना देखते हैं। दोनों बहनों ने साबित किया है कि अगर लक्ष्य साफ हो और उसके लिए लगातार मेहनत की जाए तो मुश्किल हालात भी सफलता की राह में ज्यादा देर तक रुकावट नहीं बन सकते।