#उपलब्धि
August 13, 2026
हिमाचल का लाल भारतीय सेना में बना लेफ्टिनेंट कर्नल, दो बार विधायक रह चुके हैं दादा
रमन चौहान के लेफ्टिनेंट कर्नल बनने से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले निवासी रमन चौहान ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर पदोन्नति हासिल की है। उन्होंने ये सफलता हासिल कर बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र के गांव बुरली कुंसल का नाम रोशन कर दिया है।
रमन चौहान की इस उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। भारतीय सेना की सैन्य शिक्षा कोर में यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने पर उनके परिवार, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।
रमन चौहान की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयासों के दम पर सेना में यह मुकाम हासिल किया है। उनके लेफ्टिनेंट कर्नल बनने की खबर सामने आने के बाद बैजनाथ क्षेत्र में उन्हें बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया।

रमन चौहान की प्रारंभिक शिक्षा का एक हिस्सा उत्तर प्रदेश के बरेली में हुआ। उन्होंने दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई बरेली से पूरी की। इसके बाद उन्होंने हिमाचल लौटकर बैजनाथ महाविद्यालय में दाखिला लिया और यहां BSC की डिग्री हासिल की। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए उन्होंने सुंदरनगर से Bed. की पढ़ाई पूरी की।
शिक्षा पूरी करने के बाद रमन चौहान ने अपने करियर के लिए सेना का रास्ता चुना। सैन्य सेवा में रहते हुए उन्होंने जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया। वर्तमान में वह ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए), चेन्नई में सेवाएं दे रहे हैं। अब लेफ्टिनेंट कर्नल के पद तक पहुंचना उनके सैन्य करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
रमन चौहान का परिवार भी सामाजिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़ा रहा है। उनके पिता दलीप सिंह चौहान एक लिमिटेड कंपनी में स्टोर इंचार्ज के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। परिवार ने रमन चौहान की शिक्षा और करियर में उनका लगातार सहयोग किया।
रमन चौहान के दादा स्वर्गीय ठाकुर अनूप सिंह भी क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वह चौंतड़ा विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं। ऐसे पारिवारिक परिवेश में पले-बढ़े रमन चौहान ने सेना में जाकर अपनी अलग पहचान बनाई और अब लेफ्टिनेंट कर्नल के पद तक पहुंचकर परिवार की उपलब्धियों में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जोड़ा है।
रमन चौहान के लेफ्टिनेंट कर्नल बनने की जानकारी मिलते ही बैजनाथ क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया। लोगों का कहना है कि किसी छोटे गांव से निकलकर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में ऊंचा पद हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उनकी सफलता उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का सपना देखते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार सेना में अधिकारी के पद तक पहुंचने के लिए कठिन प्रशिक्षण, निरंतर मेहनत, अनुशासन और मानसिक दृढ़ता की जरूरत होती है। रमन चौहान ने इन चुनौतियों का सामना करते हुए अपने लिए सेना में एक मजबूत पहचान बनाई है।
रमन चौहान की पदोन्नति पर कांग्रेस सेवादल बैजनाथ के अध्यक्ष एवं चौबीन पंचायत के पूर्व प्रधान राजेश राणा, सेवानिवृत्त तहसीलदार सुभाष राणा, सेवानिवृत्त जिला कृषि अधिकारी अशोक राणा, सेवानिवृत्त अधिशाषी अभियंता कृष्ण कटोच, कर्नल गंधर्व परिहार, फ्लाइंग ऑफिसर जगदीश राणा, राजीव चौहान और विजेंद्र राणा समेत कई लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
बधाई देने वालों ने कहा कि रमन चौहान ने लेफ्टिनेंट कर्नल जैसे महत्वपूर्ण पद पर पहुंचकर अपने माता-पिता और परिवार का गौरव बढ़ाया है। इसके साथ ही उन्होंने बैजनाथ क्षेत्र और पूरे हिमाचल का मान भी बढ़ाया है। लोगों ने उम्मीद जताई कि वह भविष्य में भी अपनी जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करते हुए देश की सेवा करते रहेंगे।