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August 13, 2026

हिमाचल: किसान का बेटा बना परमाणु वैज्ञानिक, छोटे से गांव के रोहित ने रचा इतिहास; NPCIL में चयन

रोहित ठाकुर अब तक पास कर चुका है कई प्रतियोगी परीक्षाएं

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Rohit Thakur

चंबा: पहाड़ों के दुर्गम गांवों से निकलकर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचने वाले हिमाचल के युवाओं की सफलता की कहानियां लगातार सामने आ रही हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र भरमौर की ग्राम पंचायत गरोला के युवा रोहित ठाकुर की है। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले रोहित ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर वह मुकाम हासिल किया है, जहां पहुंचने का सपना देश के लाखों युवा देखते हैं। रोहित ठाकुर का चयन न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) में वैज्ञानिक अधिकारी (समूह-क) के पद पर हुआ है।

हिमाचल के किसान का बेटा बना पर

चंबा। कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों, तो पहाड़ों जैसी चुनौतियां और सीमित संसाधन भी आपकी राह का रोड़ा नहीं बन सकते। देवभूमि हिमाचल प्रदेश के युवाओं ने बार-बार इस बात को साबित किया है। बिना किसी चकाचौंध और बड़े कोचिंग संस्थानों के अभाव में भी, प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों से निकलकर युवाओं ने देश के सर्वोच्च पदों पर अपनी धाक जमाई है। इसी स्वर्णिम परंपरा को आगे बढ़ाते हुए चंबा जिले के एक बेहद साधारण किसान के बेटे ने वो मुकाम हासिल किया है, जहां पहुंचने का सपना हर युवा देखता है।

 

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जनजातीय क्षेत्र भरमौर की गरोला पंचायत के रहने वाले रोहित ठाकुर का चयन न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) में वैज्ञानिक अधिकारी (ग्रुप-ए) के प्रतिष्ठित पद पर हुआ है। भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन आने वाली इस सर्वोच्च संस्था में उनका चयन न केवल उनकी कड़ी मेहनत का प्रमाण है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है।

गांव की मिट्टी से निकला युवा, परमाणु ऊर्जा का हिस्सा

रोहित ठाकुर के लिए यह सफलता सिर्फ एक नौकरी हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस संघर्ष की कहानी है, जिसमें सीमित संसाधनों के बीच एक ग्रामीण युवा ने बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस दिखाया। भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन कार्य करने वाली प्रतिष्ठित संस्था NPCIL में वैज्ञानिक अधिकारी के पद पर चयन उनके परिवार के साथ-साथ पूरे भरमौर क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गया है।

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जिस गांव में संसाधन बड़े शहरों की तुलना में सीमित हैं, उसी गांव के बेटे ने अपनी मेहनत के बूते देश के अत्यंत महत्वपूर्ण परमाणु ऊर्जा क्षेत्र तक पहुंच बनाई है। रोहित की यह उपलब्धि साबित करती है कि हौसले बुलंद हों तो सीमित संसाधन भी किसी युवा के कदम नहीं रोक सकते।

किसान पिता का बेटा

रोहित ठाकुर के पिता अशोक ठाकुर किसान हैं, जबकि उनकी माता रेखा देवी गृहिणी हैं। साधारण ग्रामीण परिवार से निकलकर रोहित ने शिक्षा को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। उन्होंने दसवीं तक की पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गरोला से पूरी की। इसके बाद डीएवी बनीखेत से जमा एक और जमा दो की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने हिमाचल प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। वर्तमान में वह देश के प्रतिष्ठित आईआईटी दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में एमटेक कर रहे हैं। पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सफलता हासिल करना उनकी मेहनत और लक्ष्य के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।

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चार बार GATE क्वालीफाई, कई परीक्षाओं में सफलता

रोहित ठाकुर की उपलब्धियों की फेहरिस्त भी कम नहीं है। उनके पिता अशोक ठाकुर के अनुसार रोहित ने 2023, 2024, 2025 और 2026 में लगातार चार बार GATE परीक्षा उत्तीर्ण की है। इसके अलावा उनका चयन दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति में भी हुआ है। उन्होंने रेलवे कनिष्ठ अभियंता की परीक्षा भी उत्तीर्ण की है।

 

लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने के बाद अब NPCIL में वैज्ञानिक अधिकारी के पद पर चयन ने उनकी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है। यह सफलता बताती है कि एक लक्ष्य तय करके निरंतर मेहनत करने वाला युवा किस तरह एक के बाद एक मुश्किल परीक्षा को पार कर सकता है।

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गांव के बेटे ने हासिल की वह उपलब्धि

परमाणु ऊर्जा जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और तकनीकी क्षेत्र में वैज्ञानिक अधिकारी के पद तक पहुंचना सामान्य उपलब्धि नहीं है। इसके लिए मजबूत शैक्षणिक आधार, कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और लंबे समय तक निरंतर मेहनत की आवश्यकता होती है। रोहित ठाकुर ने इन सभी चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी जगह बनाई है। किसान का बेटा अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में वैज्ञानिक बनेगा, यह बात ही इस सफलता की कहानी को खास बना देती है। पहाड़ के एक छोटे से गांव से शुरू हुआ उनका सफर आईआईटी दिल्ली और अब देश की प्रतिष्ठित परमाणु ऊर्जा संस्था तक पहुंच गया है।

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रोहित की सफलता भरमौर के युवाओं के लिए प्रेरणा

रोहित ठाकुर की सफलता से उनके परिवार, रिश्तेदारों और गरोला सहित पूरे भरमौर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। क्षेत्रवासियों ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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