#उपलब्धि
August 17, 2026
हिमाचल: पति की शहादत के बाद वीर नारी ने रचा इतिहास, SSB परीक्षा में हासिल की ऑल इंडिया रैंक-1
मई में दी थी परीक्षा, अब अक्टूबर से शुरू होगी ट्रेनिंग
शेयर करें:

कांगड़ा। हिमाचल की धरती ने हमेशा ऐसी वीर नारियों को जन्म दिया है, जो मुश्किल से मुश्किल हालात में भी हिम्मत नहीं हारतीं। ऐसी ही मिसाल पेश की है जिला कांगड़ा के राजा का तालाब की रहने वाली कल्पना धीमान ने। पति को खोने के बाद जिंदगी का सबसे बड़ा दुख झेलने के बावजूद कल्पना ने खुद को टूटने नहीं दिया, बल्कि पति के अधूरे सपने को आगे बढ़ाने का फैसला किया। अपनी मेहनत और मजबूत हौसले के दम पर उन्होंने SSB परीक्षा में वीर नारी श्रेणी में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर पूरे देश में अपना नाम रोशन किया है।
कल्पना ने इस परीक्षा के लिए मई 2026 में परीक्षा दी थी। अब अक्टूबर से उनका सैन्य प्रशिक्षण शुरू होगा। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वह सैन्य वर्दी पहनकर देशसेवा की नई जिम्मेदारी संभालेंगी।
यह भी पढ़ें : शराब पार्टी में देवता को लेकर विवाद, युवक ने दोस्त पर चला दिया चा**कू- हुआ अरेस्ट
कल्पना के पति मेजर अंकित धीमान अप्रैल 2025 में कश्मीर में एक ऑपरेशन के दौरान राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे। देश की सेवा करते हुए वह वीरगति को प्राप्त हुए। पति को खोने के बाद कल्पना के सामने जिंदगी का बेहद मुश्किल दौर आया, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी।
कल्पना ने पति के पदचिह्नों पर चलकर देशसेवा करने का फैसला लिया। उनका कहना है कि मेजर अंकित धीमान हमेशा उन्हें अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने और अपने सपनों के मुताबिक जिंदगी जीने के लिए प्रेरित करते थे। पति की यही बातें उनके लिए मुश्किल समय में सबसे बड़ी ताकत बनीं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल पुलिस को चकमा देकर लुधियाना में फरार हुआ आरोपी, NDPS मामले में किया था अरेस्ट
पति की शहादत के बाद कल्पना ने खुद को संभाला और SSB की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने कड़ी मेहनत और मजबूत इरादे के साथ महज एक साल में यह मुकाम हासिल किया। वीर नारी श्रेणी में उन्होंने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। कल्पना इससे पहले आर्मी स्कूल में शिक्षिका के तौर पर भी सेवाएं दे चुकी हैं।
कल्पना अपनी सफलता का श्रेय अपने दिवंगत पति की प्रेरणा के साथ-साथ अपने ससुर जनवेद कुमार को भी देती हैं। उन्होंने बताया कि मुश्किल समय में उनके ससुर ने उनका हौसला बढ़ाया और हर कदम पर उनका साथ दिया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: खड्ड के तेज बहाव में तैरती मिलीं 2 लोगों की देह, एक के शरीर पर चोट के निशान; कहीं कोई सा.जिश...
कल्पना का कहना है कि वह अपनी इस उपलब्धि के जरिए देश की दूसरी वीर नारियों को भी आगे बढ़ने और अपने सपने पूरे करने के लिए प्रेरित करना चाहती हैं। पति को खोने के बाद उन्होंने खुद को संभाला और उसी रास्ते को चुना, जिस पर उनके पति देशसेवा करते हुए आगे बढ़े थे। उनकी कहानी साहस, मेहनत और मजबूत इरादे की मिसाल बन गई है।