#उपलब्धि
August 12, 2026
हिमाचल : छोटी उम्र में अफसर बना हवलदार का 23 वर्षीय बेटा, एक साथ पास किए 5 कठिन पेपर
नीतिन ने देशभर में पाया 44वां स्थान
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ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना से 23 वर्षीय नितिन जसवाल ने अपनी मेहनत और जज्बे से बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सेना से हवलदार के पद से रिटायर हुए पिता के बेटे नितिन ने कम उम्र में ही भारतीय सेना में अधिकारी बनने की राह तय कर ली है।
खास बात यह है कि उन्होंने एक नहीं, बल्कि पांच अलग-अलग कठिन रक्षा परिक्षाओं में सफलता हासिल कर अपनी काबिलियत साबित की है। बचपन से वर्दी पहनकर देश की सेवा करने का सपना देखने वाले नितिन ने नौकरी छोड़कर तैयारी का रास्ता चुना और लगातार मेहनत के बाद अपने लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच गए।
सलोह गांव के रहने वाले 23 वर्षीय नितिन जसवाल ने भारतीय सेना में अधिकारी बनने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है। बचपन से सेना में अफसर बनने का लक्ष्य रखने वाले नितिन ने कड़ी मेहनत के दम पर भारतीय सेना के SSC टेक्निकल कोर्स-67 में सफलता प्राप्त की है।
कंप्यूटर साइंस ट्रेड में उन्होंने देशभर में 44वां स्थान हासिल किया है। सेना में चयन की प्रक्रिया के अगले महत्वपूर्ण चरण में भी नितिन ने अपनी क्षमता साबित की। उन्होंने सिलेक्शन सेंटर नॉर्थ, जालंधर में आयोजित SSB इंटरव्यू को भी सफलतापूर्वक पास कर लिया है। इस उपलब्धि के बाद अब उनका अगला पड़ाव सैन्य प्रशिक्षण होगा।
चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नितिन को ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA), गया में करीब एक साल के सैन्य प्रशिक्षण से गुजरना होगा। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद उन्हें भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन मिलने का रास्ता साफ होगा और उन्हें लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति मिलने की संभावना है।
नितिन की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने सेना में करियर बनाने के अपने पुराने सपने को पूरा करने के लिए निजी क्षेत्र की नौकरी तक छोड़ दी थी।
बेंगलुरु की नौकरी छोड़कर शुरू की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
नितिन ने चितकारा यूनिवर्सिटी, राजपुरा से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। इससे पहले उन्होंने ऊना के डीएवी सेंटेनरी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल से दसवीं और हमीरपुर की हिम अकादमी से जमा दो की पढ़ाई पूरी की।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद नितिन को बेंगलुरु में एलजी ग्रुप में नौकरी मिल गई थी। हालांकि, कॉरपोरेट करियर में आगे बढ़ने के बजाय उन्होंने अपने बचपन के लक्ष्य को प्राथमिकता दी। सेना में अधिकारी बनने की इच्छा के चलते उन्होंने नौकरी छोड़ दी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट गए।
नितिन ने भारतीय नौसेना की SSC टेक्निकल परीक्षा में भी सफलता हासिल की है। इसके अलावा उन्होंने CDS-2026 की लिखित परीक्षा, AFCAT और कोस्ट गार्ड की परीक्षाएं भी पास की हैं। लगातार अलग-अलग रक्षा सेवाओं से जुड़ी परीक्षाओं में सफल होना नितिन की तैयारी और लक्ष्य के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है। अब भारतीय सेना में अधिकारी बनने की दिशा में उनका अगला लक्ष्य OTA गया का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करना है।
नितिन का परिवार भी सेना से जुड़ा रहा है। उनके पिता सुनील ठाकुर भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं और हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। ऐसे में नितिन के लिए सेना का माहौल और वर्दी से जुड़ा आकर्षण बचपन से ही रहा होगा।
नितिन की उपलब्धि से उनके परिवार के साथ-साथ सलोह गांव और ऊना क्षेत्र में भी खुशी का माहौल है। उनकी सफलता को युवा वर्ग के लिए भी प्रेरणा के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर उन युवाओं के लिए जो रक्षा सेवाओं में अधिकारी के रूप में करियर बनाने का लक्ष्य रखते हैं।
नितिन ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों, परिवार के सदस्यों और शुभचिंतकों को दिया है। उनका कहना है कि परिवार और मार्गदर्शन देने वाले लोगों के सहयोग के बिना इस मुकाम तक पहुंचना आसान नहीं था।