हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में इस बार हजारों विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। कई छात्रों ने मेरिट सूची में अपनी जगह बनाई, लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो केवल अंक नहीं, बल्कि संघर्ष, हौसले और जज्बे की मिसाल बन जाती हैं। ऐसी ही कहानी है हमीरपुर जिले के खास गलोर गांव की बेटी राघवी की, जिसने जिंदगी की कठिन परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए प्रदेश मेरिट में 10वां स्थान हासिल किया है।
माता-पिता को खो दिया, फिर भी नहीं टूटी हिम्मत
राघवी की सफलता इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि उसके सिर से माता और पिता दोनों का साया उठ चुका है। कम उम्र में ही जिंदगी ने उसे ऐसे दुख दिए] जिन्हें सह पाना किसी बच्चे के लिए आसान नहीं होता। लेकिन राघवी ने हालात के आगे हार नहीं मानी। परिवार की बुजुर्ग दादी ने उसे संभाला] हिम्मत दी और पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया। सीमित संसाधनों और मुश्किल हालात के बावजूद राघवी लगातार मेहनत करती रही। आज उसी मेहनत का परिणाम है कि उसने 700 में से 690 अंक हासिल कर पूरे हिमाचल में 10वां स्थान प्राप्त किया है।
यह भी पढ़ें : 10TH Resullt: सरकारी स्कूल की पुर्णिमा के 6 विषयों में शत प्रतिशत नंबर, 698 अंक लेकर पाया दूसरा स्थान
दादी के संघर्ष ने लिखी सफलता की कहानी
राघवी की पढ़ाई और परवरिश की जिम्मेदारी उसकी बुजुर्ग दादी ने संभाली। उन्होंने हर मुश्किल के बावजूद पोती की शिक्षा को कभी रुकने नहीं दिया। राघवी भी अपनी दादी की उम्मीदों पर खरी उतरी। उसने दिन-रात मेहनत कर यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के आगे परिस्थितियां छोटी पड़ जाती हैं। उसकी यह सफलता अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे संघर्ष से निकली प्रेरणादायक कहानी बता रहे हैं।
यह भी पढ़ें : 10TH RESULT : सरकारी स्कूल की रूहानी बनी हिमाचल की टॉपर, 700 में से झटके 698 अंक
मातृ दिवस पर मां को समर्पित की सफलता
राघवी ने अपनी इस उपलब्धि को अपने दिवंगत माता-पिता, विशेष रूप से अपनी मां निशा वर्मा को समर्पित किया है। मातृ दिवस के मौके पर मिली यह सफलता उसके लिए भावुक पल बन गई। राघवी का कहना है कि अगर उसके माता-पिता आज साथ होते तो सबसे ज्यादा खुश वही होते।
IPS अधिकारी बनकर करना चाहती है देश सेवा
हमीरपुर के नवदीप पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा राघवी अब भविष्य में भारतीय पुलिस सेवा यानी IPS अधिकारी बनना चाहती है। उसका सपना देश सेवा करना और समाज में जरूरतमंद लोगों की मदद करना है। राघवी ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी दादी, शिक्षकों और परिवार के सहयोग को दिया। उसने कहा कि कठिन परिस्थितियों ने उसे और मजबूत बनाया।
यह भी पढ़ें- 10TH RESULT : अनमोल ने पूरे प्रदेश में किया टॉप, 700 में से 699 अंक किए हासिल
वहीं स्कूल प्रबंधन ने भी छात्रा की उपलब्धि पर खुशी जताई है। शिक्षकों का कहना है कि राघवी शुरू से ही मेहनती और अनुशासित छात्रा रही है। राघवी की यह कहानी आज उन हजारों बच्चों के लिए प्रेरणा बन गई है, जो मुश्किल हालात में भी बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।
