मंडी। हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी स्थित सुंदरनगर के जरल गांव के निवासी वैभव चौधरी ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त होकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। वैभव ने सेना में अधिकारी बनने का अपना सपना साकार किया और इस सफलता के बाद मंगलवार को उनका भव्य स्वागत किया गया।

परिवार और मित्रों ने किया स्वागत

बता दें कि घर लौटने की खुशी में वैभव के स्वागत के लिए परिवार ने शीतला माता मंदिर परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया था। जहां परिजनों, रिश्तेदारों और मित्रों ने उनका शानदार अभिनंदन किया। इस मौके पर परिवार ने मंडयाली धाम का आयोजन भी किया। उपस्थित सभी लोग वैभव की इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी का इज़हार करते हुए उन्हें बधाई देने पहुंचे।

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बीटेक कर चुके है वैभव 

वैभव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट मेरी स्कूल सुंदरनगर से की थी और बाद में उन्होंने जवाहर लाल नेहरू राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, सुंदरनगर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। फरवरी 2024 में उन्होंने भारतीय सेना की परीक्षा पास की और फिर सेना के ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी, गोवा में 11 महीने का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस कठिन प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद से नवाजा गया।

आर्मी एविएशन सेंटर मणिपुर में नियुक्ति

वैभव के पिता, विद्यासागर चौधरी ने बताया कि वैभव को अगले डेढ़ साल के लिए आर्मी एविएशन सेंटर मणिपुर में नियुक्ति दी गई है। उन्होंने इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि उनका बेटा जिस तरह से कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ अपने लक्ष्य को प्राप्त किया है, वह परिवार के लिए गर्व का विषय है। 

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माता-पिता को दिया श्रेय

वैभव ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और अपने गुरुजनों को दिया। उनका मानना है कि इन सभी के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से ही वह इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं। वैभव चौधरी की सफलता इस बात का प्रतीक है कि अगर मेहनत और समर्पण के साथ किसी लक्ष्य को निर्धारित किया जाए तो कोई भी सपना साकार किया जा सकता है। उनका यह सफर पूरी युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

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