#उपलब्धि
March 7, 2026
हिमाचल के इस बड़े अधिकारी की पत्नी ने पास की UPSC की परीक्षा, हासिल किया 79वां रैंक
पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ जारी रखी पढ़ाई, पूरा किया सपना
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है। यहां उपायुक्त चंबा के रूप में कार्यरत अधिकारी की पत्नी ने भी कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक में शानदार सफलता प्राप्त की है। इस उपलब्धि ने न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। उनकी इस सफलता से चंबा सहित उनके गृह राज्य में भी खुशी का माहौल देखा जा रहा है।
चंबा के उपायुक्त (DC) मुकेश रेप्सवाल की पत्नी प्रियंका चौधरी ने इस कठिन परीक्षा में 79वां स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा और लगन का परिचय दिया है। यह सफलता उन्हें तीसरे प्रयास में मिली है। इससे पहले दो बार असफलता का सामना करने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रहीं। अंततः उनके धैर्य और मेहनत का परिणाम उन्हें इस बड़ी उपलब्धि के रूप में मिला।
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बताया जा रहा है कि प्रियंका अपने पति के साथ चंबा में रहते हुए ही परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच समय निकालकर उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। सीमित समय और संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा और अंततः सफलता हासिल कर ली।
प्रियंका चौधरी पेशे से शिक्षिका भी रही हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने अपने सपनों को कभी पीछे नहीं छोड़ा। उन्होंने अपने कार्य के साथ-साथ अध्ययन जारी रखा और यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मन में दृढ़ निश्चय हो तो कठिन परिस्थितियां भी रास्ता नहीं रोक सकतीं।
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उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल और उनकी पत्नी प्रियंका चौधरी दोनों ही मूल रूप से राजस्थान के निवासी हैं। मुकेश रेप्सवाल पिछले एक वर्ष से अधिक समय से चंबा जिले में प्रशासनिक दायित्व निभा रहे हैं। अब प्रियंका की इस सफलता के बाद दोनों पति-पत्नी प्रशासनिक सेवाओं के माध्यम से देश की सेवा करेंगे।
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प्रियंका चौधरी की यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा है जो बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए संघर्ष करते हैं। असफलताओं के बावजूद निरंतर प्रयास करते रहना ही सफलता की असली कुंजी है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि मेहनत, धैर्य और लगन के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।