#उपलब्धि

March 7, 2026

हिमाचल: गांव छोटा था... पर सपने बड़े थे, अनुराग चंदेल ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन किए पूरे

चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी से पासआउट हुए अनुराग चंदेल

शेयर करें:

Anurag chandel

मंडी। जहां चाह, वहां राह इसी कहावत को सच कर दिखाया है हिमाचल के एक होनहार युवक ने, जिसने अपने परिश्रम और दृढ़ संकल्प के दम पर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है।

 

बता दें कि हिमाचल प्रदेश के युवा आज हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। देश की सुरक्षा में भी वीरभूमि हिमाचल के युवाओं का योगदान हमेशा से अहम रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मंडी जिले के एक युवा ने कड़ी मेहनत और लगन से भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना साकार कर लिया है।

96 फील्ड रेजिमेंट का हिस्सा बनेंगे अनुराग

मंडी के भ्यूली क्षेत्र के निवासी अनुराग चंदेल ने एक वर्ष के कठिन सैन्य प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी से पासआउट होकर भारतीय सेना की 96 फील्ड रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति प्राप्त की है। गौरतलब है कि 96 फील्ड रेजिमेंट ने कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऐसे गौरवशाली सैन्य दल का हिस्सा बनना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

 

यह भी पढ़ें : BREAKING : हिमाचल में 10वीं की छात्रा ने सतलुज नदी में लगा दी छलांग, तेज बहाव में हुई लापता

पुलिस विभाग से परिवार का नाता

अनुराग का परिवार भी सेवा और अनुशासन की मिसाल माना जाता है। उनके माता.पिता दोनों ही हिमाचल पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी माता पदमा चंदेल पुलिस अधीक्षक कार्यालय मंडी में निरीक्षक एवं हेड क्लर्क के पद पर कार्यरत हैंए जबकि पिता आनंद किशोर चंदेल जिला मंडी में सीआईडी यूनिट के प्रभारी हैं। मूल रूप से उनका परिवार बिलासपुर जिले की झंडूता तहसील के भटेड़ फलां गांव का रहने वाला हैए हालांकि वर्तमान में परिवार मंडी के भ्यूली क्षेत्र में निवास कर रहा है।

 

यह भी पढ़ें : BREAKING हिमाचल: कैबिनेट में पंचायत चुनाव पर बड़ा फैसला, अंशकालिक जल वाहक होंगे नियमित


अनुराग की प्रारंभिक शिक्षा मंडी के फिनिक्स स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने सैनिक स्कूल से जमा दो की पढ़ाई पूरी कीए जहां से उनके भीतर सेना में जाने का सपना और मजबूत हुआ। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने चंडीगढ़ के एसडी कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की।

लॉ की पढ़ाई के साथ देखा था सेना में जाने सपना

बाद में वह दिल्ली विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने भारतीय सेना में अधिकारी बनने का लक्ष्य तय किया और संयुक्त रक्षा सेवा (सीडीएस) परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। लगातार मेहनत और दृढ़ संकल्प के चलते उन्होंने सीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर ली और सेना में अधिकारी बनने के लिए चयनित हो गए।

 हिमाचल में 140 रुपए बढ़ गए LPG सिलेंडर के दाम, महंगाई का बड़ा झटका

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब वह भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में देश सेवा के लिए तैयार हैं। अनुराग की इस उपलब्धि से मंडी के भ्यूली क्षेत्र के साथ.साथ उनके पैतृक गांव भटेड़ फलां में भी खुशी का माहौल है। क्षेत्र के लोग और रिश्तेदार उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं। अनुराग चंदेल की यह सफलता हिमाचल के युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है। यह साबित करता है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची होए तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख