#उपलब्धि
March 5, 2026
हिमाचल के बेटे ने CA की परीक्षा में किया टॉप, पाया दूसरा रैंक- रिजल्ट देख नहीं हो रहा था यकीन
परिवार-दोस्तों का मिला पूरा साथ, अनिरुद्ध ने लहराया सफलता का झंडा
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सिरमौर। कहते हैं कि जहां चाह हो, वहां राह खुद ही बन जाती है। इन्हीं शब्दों को बखूबी चरितार्थ कर दिखाया है हिमाचल के एक होनहार बेटे ने। सिरमौर जिले के पांवटा साहिब के अनिरुद्ध गर्ग ने देश की कठिन परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल किया है।
अनिरुद्ध ने कुल 600 अंकों में से 452 अंक अर्जित किए- जो 75.33 प्रतिशत के बराबर हैं। इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। अनिरद्ध की इस उपलब्धि ने हिमाचल का नाम रोशन कर दिया है।
रिजल्ट घोषित होते समय अनिरुद्ध अपने घर पर होली की तैयारियों में परिवार के साथ व्यस्त थे। जैसे ही परिणाम वेबसाइट पर अपलोड हुआ, उन्होंने अपना रोल नंबर दर्ज किया। अंक और रैंक देखकर उन्हें एक पल के लिए विश्वास ही नहीं हुआ।
उन्होंने कई बार पेज रिफ्रेश किया, क्योंकि उन्हें लगा कि कहीं तकनीकी त्रुटि तो नहीं हो गई। जब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, वे असमंजस में रहे। बाद में ICAI के अध्यक्ष की ओर से फोन पर रैंक की पुष्टि मिलने के बाद ही उन्हें अपनी सफलता का पूरा भरोसा हुआ। इसके बाद घर में जश्न का माहौल बन गया और परिवार ने मिठाई बांटकर खुशी साझा की।
अनिरुद्ध की प्रारंभिक शिक्षा अलग-अलग शहरों में हुई। साल 2020 में उन्होंने CBSE बोर्ड से 12वीं कक्षा 97.75 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने हंसराज कॉलेज (दिल्ली विश्वविद्यालय) से BCOM. (ऑनर्स) की पढ़ाई पूरी की।

कॉलेज के दौरान ही उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंसी के क्षेत्र में आगे बढ़ने का निर्णय लिया। उनका मानना था कि यह पेशा चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन मेहनत और अनुशासन से इसमें सफलता हासिल की जा सकती है।
अनिरुद्ध का प्रदर्शन शुरुआत से ही लगातार बेहतर रहा। जैसे कि-
अप्रैल 2023 में अनिरुद्ध ने वैश्विक अकाउंटिंग फर्म Ernst & Young (EY) के गुरुग्राम स्थित एश्योरेंस डिवीजन में आर्टिकलशिप शुरू की। यहां उन्हें व्यावहारिक अनुभव मिला- जिसने उनकी अवधारणाओं को और मजबूत किया।
इसके साथ ही उन्होंने जून 2023 से फाइनल स्तर की कोचिंग भी प्रारंभ कर दी। उनका कहना है कि CA का सिलेबस व्यापक और गहन होता है, इसलिए समय रहते तैयारी शुरू करना सफलता की कुंजी है।
अनिरुद्ध ने कहा कि CA फाइनल की तैयारी आसान नहीं होती। कुछ समय ऐसा भी आया जब थकान और तनाव महसूस हुआ। लेकिन उन्होंने पढ़ाई पूरी तरह छोड़ने के बजाय अपनी गति को थोड़ा धीमा कर दिया। कभी ऑनलाइन लेक्चर देखकर तो कभी पसंदीदा विषयों के प्रश्न हल करके वे पढ़ाई की निरंतरता बनाए रखते थे।
अनिरुद्ध अपनी सफलता का श्रेय परिवार और करीबी दोस्तों को देते हैं। उन्होंने दो-तीन दोस्तों का छोटा समूह बनाया था, जिनके साथ वे नियमित रूप से अपनी तैयारी और प्रगति साझा करते थे। परिवार का भावनात्मक सहयोग और दोस्तों का सकारात्मक माहौल उन्हें कठिन समय में भी प्रेरित करता रहा।
अनिरुद्ध का कहना है कि लक्ष्य स्पष्ट हो तो मेहनत का रास्ता अपने आप बनता जाता है। वे युवाओं को सलाह देते हैं कि सिलेबस की व्यापकता से घबराने के बजाय उसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर तैयारी करें। नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास से बड़ी से बड़ी परीक्षा भी पार की जा सकती है।
हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य से राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। अनिरुद्ध की यह सफलता न केवल सिरमौर बल्कि पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।
आपको बता दें कि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ICAI ने रविवार को CA फाइनल जनवरी 2026 परीक्षा का परिणाम घोषित किया। परिणाम सामने आते ही हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में खुशी की लहर दौड़ गई है।