हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश की युवा पीढ़ी आज अपनी मेहनत, लगन और अनुशासन के दम पर देशभर में बड़े-बड़े पदों तक पहुंच रही है। युवाओं us ;g crk fn;k gS fd vxj कुछ कर गुजरने का सच्चा जज्बा हो] तो दुनिया की किसी भी कठिन मंजिल को हासिल किया जा सकता है। इसका ताजा और जीवंत उदाहरण हिमाचल के एक छोटे से क्षेत्र से निकलकर देश की रक्षा का जिम्मा उठाने वाले आरिन रणौत ने पेश किया है। आरिन ने आज अपनी वर्षों की कठिन तपस्या और अथक परिश्रम के दम पर भारतीय नौसेना में एक बड़ा अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया है।
पासिंग आउट परेड के बाद बने नौसेना अधिकारी
28 मई 2026 को केरल स्थित भारतीय नौसेना अकादमी एझिमाला में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के बाद आरिन रणौत आधिकारिक रूप से भारतीय नौसेना में अधिकारी बने। आरिन रणौत अब भारतीय नौसेना की एग्जीक्यूटिव शाखा में अधिकारी के रूप में देश सेवा करेंगे। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है। ijsM समारोह के दौरान जब आरिन अधिकारी के रूप में परेड का हिस्सा बने तो उनके माता-पिता और पूरे क्षेत्र का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।
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बचपन से था देश सेवा का सपना
आरिन रणौत ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा आलमपुर स्थित डीएवी विद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने छठी कक्षा से लेकर जमा दो तक की पढ़ाई सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा से पूरी की। पढ़ाई के साथ-साथ उनमें बचपन से ही अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और देश सेवा की भावना साफ दिखाई देती थी। इसी जुनून और मेहनत के बल पर उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी परीक्षा को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया और देश की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश प्राप्त किया।
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कठिन प्रशिक्षण के बाद हासिल की बड़ी सफलता
चार वर्षों तक चले कठिन सैन्य प्रशिक्षण के दौरान आरिन ने हर चुनौती का डटकर सामना किया। उन्होंने न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया बल्कि सैन्य अनुशासन और नेतृत्व क्षमता में भी अपनी अलग पहचान बनाई। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें ड्रिल और शैक्षणिक क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन के लिए “फ्लैग कैडेट” जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई। इसके अलावा उन्हें “टॉर्च” सम्मान से भी सम्मानित किया गया, जो उनके समर्पण, कड़ी मेहनत और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक माना जाता है।
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पुलिस विभाग में कार्यरत हैं माता-पिता
आरिन रणौत के पिता सुरेश कुमार रणौत और माता हिमानी हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। बेटे की इस सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों का कहना है कि आरिन ने हमेशा मेहनत और अनुशासन को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाया और उसी का परिणाम आज पूरे प्रदेश के सामने है।
युवाओं के लिए बने प्रेरणा
आरिन रणौत की सफलता आज प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। स्थानीय लोगों, शिक्षकों और मित्रों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। लोगों का कहना है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्चे मन से की जाए तो कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है।
