#अपराध
May 28, 2026
हिमाचल पुलिस ने 17 साल की लड़की को धमकाया, जबरन दर्ज किए बयान- अफसर समेत चार सस्पेंड
लड़की के परिजनों ने उच्च अधिकारियों को दी शिकायत
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चुराह क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की के मामले में अब महिला पुलिस थाना चंबा की टीम विवादों में गिर गई है।
लड़की और उसके परिवार की शिकायत के बाद पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए कर्मचारियों में एक सब इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और दो कांस्टेबल शामिल हैं। सभी का मुख्यालय फिलहाल पुलिस लाइन तय किया गया है। विभागीय स्तर पर पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, चुराह उपमंडल के एक व्यक्ति ने 7 अप्रैल को महिला थाना चंबा में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसकी 17 वर्षीय बेटी को क्षेत्र का ही एक युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है।
शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर सेल की मदद से मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी जानकारी जुटाई गई। जिसके आधार पर लड़की और युवक की लोकेशन चेन्नई में पाई गई।
इसके बाद महिला थाना की एक विशेष टीम को दक्षिण भारत भेजा गया। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम ने लगभग 2800 किलोमीटर का लंबा सफर तय किया। आने-जाने में करीब दस दिन लगे, जबकि चेन्नई में चार दिनों तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
काफी प्रयासों के बाद पुलिस ने युवक और लड़की को ढूंढ निकाला और कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर दोनों को चंबा वापस ले आई। शुरुआत में इस कार्रवाई को लेकर पुलिस की काफी सराहना हो रही थी, लेकिन अब मामला पूरी तरह नए मोड़ पर पहुंच गया है।
लड़की और उसके परिजनों ने आरोप लगाए हैं कि पुलिस टीम ने बयान दर्ज करवाने के दौरान दबाव बनाने और डराने-धमकाने की कोशिश की। साथ ही यह भी कहा गया कि पूरी कानूनी प्रक्रिया में तय नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया।
शिकायत सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया और प्रारंभिक जांच शुरू करवाई। जांच में कुछ बिंदुओं पर अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद संबंधित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
मामला नाबालिग लड़की से जुड़ा होने के कारण पुलिस विभाग अब बेहद सतर्कता से जांच कर रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं कार्रवाई के दौरान पीड़िता के अधिकारों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।
दूसरी ओर युवक अभी पुलिस हिरासत में है और मामले में आगे की कार्रवाई लड़की के विस्तृत बयान के आधार पर तय की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि लड़की को वास्तव में बहला-फुसलाकर ले जाया गया था या वह अपनी मर्जी से युवक के साथ गई थी।
ASP चंबा दिनेश शर्मा ने बताया कि शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। उन्होंने कहा कि विभागीय जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है- तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।