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June 16, 2026
हिमाचल : छोटी उम्र में DC बनीं अलीषा, सिर्फ एक दिन के लिए संभाली कुर्सी- जानें क्यों
IAS अफसर बनना चाहती हैं अलीषा
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मंडी। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं कक्षा की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर जिले में पहला स्थान हासिल करने वाली छात्रा अलीषा को DC बनाया गया। जिला प्रशासन की ओर से अलीषा को एक दिन के लिए DC मंडी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
ऑक्सफोर्ड स्कूल कोटली की छात्रा अलीषा ने दसवीं बोर्ड परीक्षा में 99.57 प्रतिशत अंक प्राप्त कर न सिर्फ मंडी जिला में प्रथम स्थान हासिल किया। बल्कि प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों में भी अपनी विशेष पहचान बनाई है।
उनकी इस उपलब्धि को सम्मानित करने और अन्य विद्यार्थियों को प्रेरित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने ये पहल की। प्रशासन ने उन्हें एक दिन के लिए DC मंडी की भूमिका निभाने का अवसर प्रदान किया।

पूरे दिन अलीशा प्रशासनिक गतिविधियों का हिस्सा बनी रहीं। उन्होंने जिला प्रशासन के विभिन्न कार्यों को समझा, अधिकारियों के साथ बैठकों में भाग लिया और आम लोगों की समस्याओं को सुनने की प्रक्रिया को भी नजदीक से देखा।

इस दौरान उन्हें यह जानने का अवसर मिला कि जिला स्तर पर प्रशासन किस प्रकार लोगों की समस्याओं का समाधान करता है। साथ ही विभिन्न विकास योजनाओं को धरातल पर लागू करता है।

अलीषा ने पंचायत प्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण समारोह में भी हिस्सा लिया और स्थानीय प्रशासनिक ढांचे की कार्यप्रणाली को समझा। इसके अलावा राज्यव्यापी मेगा मॉक ड्रिल के दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों का अवलोकन किया। उन्होंने देखा कि किसी भी आपदा या आपात स्थिति में विभिन्न विभाग और एजेंसियां किस प्रकार समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्यों को अंजाम देती हैं।
एक दिन की DC बनी अलीषा ने इस अवसर को अपने जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों को इतनी नजदीक से देखने का मौका मिलना उनके लिए किसी सपने के साकार होने जैसा है। इस अनुभव ने उन्हें अपने भविष्य के लक्ष्य के प्रति और अधिक गंभीर तथा प्रेरित किया है।
अलीषा ने बताया कि उनका सपना भारतीय प्रशासनिक सेवा IAS अधिकारी बनकर देश और समाज की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि इस विशेष अवसर ने उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारियों, निर्णय लेने की प्रक्रिया और जनसेवा के महत्व को समझने में काफी मदद की है। भविष्य में वह इसी दिशा में आगे बढ़कर अपने सपनों को साकार करना चाहती हैं।
उन्होंने अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। प्रत्येक छात्र को अपनी क्षमताओं और कमजोरियों का सही आकलन करना चाहिए तथा लगातार मेहनत और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए। उनका मानना है कि आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास से कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है।
DC अपूर्व देवगन ने बताया कि यह पहल विद्यार्थियों को प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ने और उन्हें बेहतर एक्सपोजर देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्रा को इसी प्रकार एक दिन के लिए DC की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस पहल का उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करना है।
उन्होंने कहा कि मंडी जिला सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें सही मार्गदर्शन, अवसर और प्रेरणा देने की है। अलीषा की उपलब्धि न केवल उनके परिवार और विद्यालय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे जिले के लिए भी सम्मान की बात है।
इस अवसर पर अलीशा की माता और उनकी अध्यापिका भी मौजूद रहीं। उन्होंने छात्रा की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान अन्य विद्यार्थियों को भी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा। जिला प्रशासन की यह पहल शिक्षा और प्रशासन के बीच एक सकारात्मक सेतु का कार्य कर रही है, जिससे युवा पीढ़ी को नेतृत्व और जनसेवा के महत्व को समझने का अवसर मिल रहा है।