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June 15, 2026

हिमाचल : पिता की वर्दी ने जगाया जुनून- कैप्टन का बेटा बना लेफ्टिनेंट, घर पर हुआ भव्य स्वागत

पूरे परिवार को विकास पर गर्व- घर पर उत्सव जैसा माहौल

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INDIAN ARMY LIEUTENANT VIKAS THAKUR NACHAN MANDI HIMACHAL

मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के लिए रविवार का दिन गर्व और उत्साह से भरा रहा। नाचन विधानसभा क्षेत्र के होनहार युवा विकास ठाकुर ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर न केवल अपने परिवार का सपना साकार किया है, बल्कि पूरे इलाके का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।

विकास ठाकुर बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट

भारतीय सैन्य अकादमी IMA देहरादून से कठोर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद कल विकास अपने पैतृक गांव पलाहोटा पहुंचे। यहां पर उनका स्वागत किसी नायक की तरह किया गया।

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युवाओं के लिए बने प्रेरणा

विकास की इस उपलब्धि से पूरे नाचन क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों, युवाओं और बुजुर्गों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। गांव में हर तरफ उनके चर्चे सुनाई दिए और लोगों ने इस सफलता को आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया।

घर में हुआ गर्मजोशी से स्वागत

रविवार को सुंदरनगर पहुंचने पर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में लेफ्टिनेंट विकास ठाकुर का भव्य अभिनंदन किया गया। बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी, रिश्तेदार और शुभचिंतक वहां पहुंचे और उन्हें बधाई दी। लोगों ने फूल-मालाएं पहनाकर तथा शुभकामनाएं देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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गांव में खुशी की लहर

इसके बाद जब विकास अपने गांव पलाहोटा पहुंचे तो वहां का नजारा देखने लायक था। ढोल-नगाड़ों की गूंज, देशभक्ति के नारों और फूलों की वर्षा के बीच ग्रामीणों ने अपने गांव के बेटे का स्वागत किया। पूरा गांव उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।

पिता से मिली सेना में जाने की प्रेरणा

लेफ्टिनेंट विकास ठाकुर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, गुरुजनों और शुभचिंतकों को दिया। उन्होंने बताया कि सेना में जाने की प्रेरणा उन्हें अपने पिता कुसुम कुमार ठाकुर से मिली, जिन्होंने भारतीय सेना में लंबे समय तक सेवाएं दी हैं और ऑर्नरी कैप्टन के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।

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पिता की वर्दी देख जागा जुनून

विकास ने कहा कि बचपन से ही उन्होंने अपने पिता को वर्दी में देखा। उनके अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति की भावना ने उनके मन में भी सेना के प्रति सम्मान और आकर्षण पैदा किया। यही प्रेरणा आगे चलकर उनके जीवन का लक्ष्य बन गई।

कठिन परिश्रम से हासिल किया मुकाम

देश सेवा का सपना देखने वाले विकास ने अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार मेहनत की। उन्होंने कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना करते हुए अपने संकल्प को मजबूत बनाए रखा।

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परिवार का मिला पूरा साथ

दृढ़ इच्छाशक्ति, लगन और समर्पण के बल पर उन्होंने सीधी भर्ती के माध्यम से भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट का पद प्राप्त किया। उनकी इस सफलता के पीछे परिवार का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। विकास ने बताया कि उनके दादा  हेम सिंह ठाकुर, दादी मथुरा देवी और माता भुवनेश्वरी देवी ने हर कदम पर उनका उत्साह बढ़ाया और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय

विकास की उपलब्धि पर उनके दादा हेम सिंह ठाकुर, पिता कुसुम कुमार ठाकुर और रिश्तेदार प्रेम सिंह ठाकुर ने खुशी जताते हुए कहा कि यह केवल परिवार की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे नाचन क्षेत्र के लिए सम्मान और गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि विकास ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

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