मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में डूबने से हुई दो नौजवान लड़कों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। नौजवान बेटों की मौत के बाद से दो परिवारों में चीख-पुकार मची हुई है। परिजन इस बात को मानने को तैयार ही नहीं है कि अब उनके लाडले कभी भी दोबारा उन्हें नहीं मिलेंगे।
सोशल मीडिया पर मिली मौत की खबर
दुखद बात यह है कि दोनों लड़कों के परिजनों को उनकी मौत की खबर सोशल मीडिया के माध्यम से मिली। सूचना मिलते ही दोनों की मां बेहोश हो गई। जबकि, घर पर चीख-पुकार मच गई।
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घर जल्दी आने का किया था वादा
मृतक धर्मेंद्र कुमार (18) के परिजनों ने बताया कि धर्मेंद्र अपने दादा के साथ थलौट में किराए के कमरे में रहता था। धर्मेंद्र छुट्टी के दिन हमेशा घर आता था। इस बार जब वो घर से गया था तो कहकर गया था कि शनिवार को वो जल्द घर पहुंच जाएगा। मगर अब उसकी मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रखा दिया है।
मां-बाप ने खोया लाडला बेटा
धर्मेंद्र अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसे पढ़ाई के लिए उसके माता-पिता ने थलौट भेजा हुआ था। धर्मेंद्र की मां चंद्र देवी लाडले के घर पहुंचने के वादे की बात को याद करते हुए बेसुध हो गई।
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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
वहीं, दूसरे लड़के घनश्याम (18) की मौत की खबर सुनते ही उसकी मां बेहोश हो गई। परिजनों ने बताया कि घनश्याम के दो और भाई भी हैं। घनश्याम के माता-पिता खेतीबाड़ी करके अपने तीनों बच्चों को पढ़ा रहे थे। तीनों भाई थलौट में किराये के कमरे में रहते थे। जबकि, उनके माता-पिता घर में रहते थे। घनश्याम की मौत के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मौज मस्ती करने गए थे लड़के
आपको बता दें कि बीते कल दोपहर बाद लारजी स्थित पिन पार्वती नदी में दोनों लड़के मौज मस्ती करने गए थे। मगर दोनों लड़के नदी में डूब गए। गोताखोर देर रात तक नदी में छात्रों की तलाश करते रहे, लेकिन उनका कहीं कुछ पता नहीं चल पाया।
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पार्वती नदी में नहाने गए थे दोनों
घटना की जानकारी मिलते ही नदी के किनारे भारी संख्या में लोग और पुलिस के जवान पहुंच गए और दोनों छात्रों की तलाश शुरू की। कुछ तैराक लड़कों ने नदी में उतर कर लापता छात्रों को खोजने का प्रयास किया, लेकिन पानी अधिक होने के चलते उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने दोनों छात्रों की तलाश के लिए गोताखोर की टीम को मौके पर बुलाया। गोताखोरों ने 19 घंटे कड़ी मशक्कत करने के बाद आज दोनों छात्रों की लाशें नदी से बरामद की। दोनों छात्र ITI थलौट में अध्यनरत हैं और लारजी में वह बिजली की ट्रेनिंग के लिए आए थे। दोनों छात्रों के कपड़े और जूते नदी किनारे पड़े मिले हैं।
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मृतकों की पहचान
दोनों छात्र बालीचौकी मंडी के सराज इलाके स्थित बालीचौकी के रहने वाले थे। मृतकों की पहचान-
- घनश्याम सिंह (18) पुत्र दया राम
- धर्मेंद्र ठाकुर (18) पुत्र गीता नंद लारजी
नदी किनारे पड़े थे कपड़े और जूते
शुरुआती जांच में पाया गया है कि दोनों छात्रों के साथ इनका एक दोस्त भी था- जिसने नहाने से मना कर दिया था। जब घनश्याम और धर्मेंद्र नहाने के लिए उतरे तो वो आसपास घूमने के लिए चल गया। मगर जब आया तो उसने देखा कि उसके दोस्त नदी में नहीं थे। जबकि, उनके कपड़े नदी किनारे पड़े हुए थे। ऐसे में उसने तुरंत इस बात की जानकारी ITI प्रशासन को दी।
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7 दिन में पांच लड़कों की डूबने से मौत
गौरतलब है कि अभी दो दिन पहले ही ऊना जिला में दो छात्रों की डूबने से मौत हो गई थी। यह दोनों छात्र रील बनाने के चक्कर में नदी में डूब गए थे। इस घटना के बाद ऊना जिले की सोहारी पंचायत में मातम पसरा हुआ है। यहां सोहारी गांव में रील बनाने के चक्कर में दो किशोरों की हुई मौत के मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। लड़कों की मौत के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। यह घटना परिजनों को कभी ना भूलने वाले जख्म दे गई है। वहीं, इससे पहले कांगड़ा जिले में एक लड़के की होली वाले दिन डूबने के कारण मौत हो गई थी।
