परवाणु (सोलन)। हिमाचल प्रदेश में चलने वाले कई टैक्सी चालक लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। इन चालकों की टैक्सियों के ना तो कागज पूरे होते हैं और ना ही बीमा। इस बात का खुलासा आज सोमवार को उस समय हुआ, जब हिमाचल के सोलन जिला के औद्योगिक क्षेत्र परवाणू में एक टैक्सी सड़क हादसे का शिकार हो गई। इस हादसे में 7 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
परवाणु में हुआ सड़क हादसा
यह हादसा परवाणु में सोमवार सुबह शिवालिक होटल के पास हुआ, जब एक ट्रक और टैक्सी के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि टैक्सी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सात लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए घायलों को ईएसआई अस्पताल परवाणु पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद टैक्सी चालक सहित दो गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया।
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टैक्सी का अगला हिस्सा हुआ चकनाचूर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक और टैक्सी की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टैक्सी का अगला हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया। दुर्घटना के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नियंत्रित किया।
टैक्सी के थे1 4 चालान, बीमा सालभर पहले खत्म
हादसे के बाद जब पुलिस ने टैक्सी के दस्तावेज़ खंगाले तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। परिवहन विभाग की वेबसाइट के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त टैक्सी के कुल 14 चालान पेंडिंग हैं, जिनकी राशि लगभग 40 हजार रुपये है। इतना ही नहीं वाहन की इंश्योरेंस बीमा वर्ष 2023 में ही समाप्त हो चुकी थी, वह 2023 के बाद रिन्यू ही नहीं करवाई गई थी। यानी यह टैक्सी बिना बीमा और लंबित चालानों के बावजूद सड़कों पर दौड़ रही थी।
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पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच जारी है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार तेज रफ्तार और लापरवाही इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। पुलिस घायल लोगों के बयान भी दर्ज करेगी और मामले की आगामी जांच करेगी।
सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहीं बिना कागज़ों की टैक्सियां
स्थानीय लोगों का कहना है कि परवाणु और कालका क्षेत्र में बड़ी संख्या में टैक्सियां बिना अपडेटेड दस्तावेजों और बीमा के चल रही हैं। ऐसी टैक्सियां न केवल ट्रैफिक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही हैं बल्कि यात्रियों और राहगीरों की जान को गंभीर खतरे में डाल रही हैं। लोगों ने सवाल उठाया है कि जब किसी वाहन पर इतने चालान पेंडिंग हों और बीमा तक न हो, तो आखिर ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग इसे सड़क पर चलने की अनुमति कैसे दे रहे हैं।
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जिम्मेदारी से भाग नहीं सकता प्रशासन
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और ट्रैफिक विभाग से कड़ा रुख अपनाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ऐसे वाहनों पर समय रहते कार्रवाई की जाती, तो कई हादसों को टाला जा सकता था। बार.बार चेतावनी के बावजूद सड़कों पर नियम तोड़ने वाले वाहन चल रहे हैं, जो ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही और सिस्टम की ढिलाई को उजागर करता है।
