कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला के निरमंड में श्रीखंड यात्रा मार्ग पर तीन लोगों की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया था। तीनों लोग भेड़पालक थे और अपनी भड़बकरियों को लेकर पहाड़ों पर गए थे। तीनों के शव गुरुवार को एक टेंट में मिले थे। तीनों की मौत कैसे हुई, यह एक रहस्य बना हुआ था। लेकिन अब तीनों की मौत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा हुआ है।
टेंट में मिले थे तीन लोगों के शव
दरअसल श्रीखंड यात्रा मार्ग पर गुरुवार को भीमडवारी पड़ाव पर एक टेंट के भीतर तीन भेड़पालकों के शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। मृतकों की पहचान 28 वर्षीय पवन देव निवासी ठारवा, 48 वर्षीय डीनू राम निवासी जुआगी और 60 वर्षीय बजारू राम निवासी बसवारी के रूप में हुई थी।
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भेड़-बकरियों को लेकर पहाड़ी पर गए थे तीनों
ये तीनों भेड़पालक 10 सितंबर को अपनी करीब तीन दर्जन भेड़.बकरियों की तलाश में ऊपरी पहाड़ियों की ओर गए थे। परिजनों ने शुरू में सोचा कि कठिन इलाकों में खोज के कारण देरी हो रही होगी, लेकिन जब एक सप्ताह तक कोई संपर्क नहीं हुआ, तो चिंता ने गहरी शक्ल ले ली। गांव के लोगों और परिजनों ने मिलकर खोज अभियान शुरू किया और शुक्रवार को जब वे भीमडवारी पहुंचे, तो वहां एक टेंट में तीनों भेड़पालकों के शव बरामद हुए। यह दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद हर शख्स स्तब्ध रह गया।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए निरमंड ले जाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि तीनों भेड़पालकों की मौत आसमानी बिजली गिरने से हुई थी। जो एक दुर्लभ लेकिन अत्यंत घातक प्राकृतिक घटना मानी जाती है। निरमंड थाना प्रभारी गोपाल सिंह ने जानकारी दी कि शवों का पोस्टमार्टम करवा दिया गया है और उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच जारी है।
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गांव में मातम, सरकार से मदद की मांग
इस त्रासदी ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि तीनों मृतक बेहद मेहनती और सीधे-सादे लोग थे, जो अपने पशुधन की रक्षा के लिए खतरनाक पर्वतीय क्षेत्रों में चले गए थे। जिला परिषद सदस्य पूर्ण ठाकुर ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह हादसा पर्वतीय जीवन की कठिनाईयों और प्राकृतिक आपदाओं की गंभीरता को दर्शाता है। हम प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता और पुनर्वास की मांग करते हैं।
श्रीखंड यात्रा मार्ग, जोखिम भरा लेकिन उपेक्षित
स्थानीय लोगों और यात्रा मार्ग पर जाने वाले पर्यटकों का कहना है कि श्रीखंड महादेव यात्रा मार्ग बेहद कठिन और अप्रत्याशित है। यहां मौसम कभी भी करवट ले सकता हैए तापमान शून्य के नीचे चला जाता है और ऑक्सीजन की कमी जैसी गंभीर समस्याएं आम हैं।
