ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला के चलेट गांव के लिए रविवार का बेहद ही ह्रदय विदारक था। चलेट गांव के एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई थी। आज रविवार को उन चारों मृतकों को एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। जब घरों से एक साथ चार चिताएं निकली तो मंजर दिल दहला देने वाला था। घरों से उठती महिलाओं की चीखों से पूरा गांव दहल रहा था। यह मंजर जिसने भी देखा, उसका कलेट फट गया और पूरा चलेट गांव मातम में डूब गया।
बताया जा रहा है कि चार लोगों का श्मशान घाट में एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान श्मशानघाट में लोगों के अंतिम संस्कार के लिए जगह भी कम पड़ गई। अंतिम संस्कार के लिए बनाए शेड के बाहर ही सभी की चिताएं लगाई गईं और अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान भारी संख्या में लोग अंतिम संस्कार में पहुंचे थे।
चार अर्थियों के लिए श्मशानघाट में भी कम पड़ गई जगह
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जिला ऊना के चलेट गांव (दौलतपुर चौक) में आज उस समय माहौल गमगीन हो गया, जब पंजाब के होशियारपुर-दसूहा रोड पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले चारों युवकों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। जैसे ही चार अर्थियां गांव की गलियों से गुजरीं, हर आंख नम हो गई। श्मशानघाट में अंतिम संस्कार के लिए जगह तक कम पड़ गई और हर तरफ सिर्फ रोने-बिलखने की आवाजें सुनाई दे रही थीं।
एक ही गांव के चार घरों में छाया मातम
हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग ऊना जिले के चलेट गांव के रहने वाले थे। मृतकों की पहचान सुखविंदर सिंह (45) पुत्र हरनाम सिंहए सुशील कुमार (46) पुत्र देसराज, बृज कुमार (38) पुत्र महेंद्र कुमार और अरुण कुमार (45) पुत्र गुरपाल सिंह के रूप में हुई है। एक ही गांव के चार लोगों की मौत ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है।
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मृतक अपने पीछे छोड़ पूरा परिवार
- अरुण कुमार ऑटो चलाकर परिवार का पालन.पोषण करता था। विवाहित अरुण को अभी संतान सुख प्राप्त नहीं हुआ था।
- बृज कुमार एक निजी स्कूल की बस में हैल्पर था और अपने पीछे 8 साल का बेटा और 2 साल की बेटी छोड़ गया।
- सेना से सेवानिवृत्त सुखविंदर सिंह अपने पीछे 15 साल की बेटी और 12 साल का बेटा छोड़ गया।
- कामगार सुशील कुमार अपने पीछे 8 और 10 साल की दो मासूम बेटियों को बेसहारा छोड़ गया।
चारों परिवारों के सपने एक झटके में टूट गए। बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया और घरों में मातम पसरा हुआ है।
परिवारों की चीखों से दहल उठा गांव
अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों की चीख.पुकार ने पूरे गांव को दहला दिया। महिलाएं बेसुध होकर गिरती रहीं और हर शख्स की आंखें छलक आईं। गांव में शायद ही कोई ऐसा घर बचा हो, जहां शोक की छाया न पड़ी हो।
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दुबई की फ्लाइट छोड़ने निकले थे
यह हृदयविदारक हादसा उस वक्त हुआ, जब कार सवार चार लोग अपने एक साथी को दुबई की फ्लाइट पकड़ने के लिए अमृतसर एयरपोर्ट छोड़ने जा रहे थे। किसी को अंदेशा नहीं था कि यह सफर जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। हादसे में दुबई जाने वाला अमृत डडवाल पुत्र सुरिंदर सिंह घायल हुआ है, जिसका अस्पताल में उपचार चल रहा है।
कैसे हुआ भीषण हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार यह हादसा गुरुवार सुबह करीब 5:30 बजे हुआ। हिमाचल नंबर की कार होशियारपुर में लिंक रोड से मेन रोड पर चढ़ रही थी। इसी दौरान दसूहा की ओर से आ रही पंजाब रोडवेज की बस ने घनी धुंध के बीच कार को जबरदस्त टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस कार को करीब 200 मीटर तक घसीटते हुए ले गई। इसके बाद अनियंत्रित बस सड़क किनारे बनी झुग्गियों पर जा चढ़ी। सौभाग्यवश उस समय झुग्गियों में कोई मौजूद नहीं थाए वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
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