कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश की लाइफलाइन कहलाई जाने वाले HRTC बसों की हालत किसी से छिपी नहीं है। HRTC की कई बसों की हालत इतनी खराब है कि वो चलते-चलते कहीं भी रुक जाती हैं। लोगों को मजबूरन खटारा बसों में सफर करना पड़ रहा है।

चलती बस का खुला टायर

ताजा मामला हिमाचल के कांगड़ा जिले से सामने आया है- जहां पर मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग-154 पर एक चलती HRTC बस का टायर खुल गया। बस का टायर खुलते ही उसमें सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई।

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40 यात्री थी सवार

आपको बता दें कि जम्मू के कटरा से पालमपुर आ रही HRTC बस का पिछला टायर अचानक निकल गया। बस में उस समय करीब 40 यात्री सवार थे। हादसा परौर के पास राधा स्वामी सत्संग भवन के तीखे मोड़ पर हुआ।

सवारियों में मची चीख-पुकार

हादसे के वक्त बस में सवार लोगों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि बस उस समय चढ़ाई पर थी और चालक ने पूरी सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को नियंत्रित कर लिया, जिससे सभी यात्री सुरक्षित बच गए।

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तीखे मोड़ से जा रही थी बस

जानकारी के अनुसार, बीते बुधवार दोपहर करीब 2 बजे जब बस परौर के पास तीखे मोड़ से गुजर रही थी, तभी अचानक एक जोरदार झटका लगा। इसके तुरंत बाद यात्रियों ने देखा कि बस का पिछला टायर सड़क पर लुढ़कता हुआ आगे निकल गया।

जोर-जोर चिल्लाने लगे लोग

यह दृश्य देखकर यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग सीटों से उठ खड़े हुए और कुछ ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। चालक ने बिना घबराए तुरंत बस की गति धीमी की और उसे सड़क के किनारे सुरक्षित रोक दिया।

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चालक ने दिखाई सूझबूझ

घटना के बाद यात्रियों ने चालक की प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि बस उतराई पर होती या स्पीड थोड़ी ज्यादा होती, तो यह एक बड़ा हादसा बन सकता था। टायर निकलने के बावजूद चालक ने वाहन को बेहद संभलकर रोका। स्थानीय लोगों की मदद से यात्रियों को सुरक्षित बस से बाहर निकाला गया और कुछ देर बाद निगम की दूसरी बस में सवारियों को पालमपुर के लिए रवाना किया गया।

तकनीकी लापरवाही पर उठे सवाल

इस घटना ने परिवहन निगम की कार्यप्रणाली और तकनीकी जांच प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कटरा से पालमपुर तक करीब 258 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करने वाली बसों की यात्रा से पहले सुरक्षा जांच और टायरों की फिटिंग का निरीक्षण किया जाना जरूरी होता है।

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परिवहन विभाग ने शुरू की जांच

इस मामले में जब पालमपुर डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक, RM नितेश शर्मा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि बस के चालक और परिचालक के अनुसार, कुछ देर पहले ही बस द्रमण में रुकी थी जहां यात्रियों ने भोजन किया और उस दौरान टायरों की जांच भी की गई थी। उस समय कोई तकनीकी खामी नजर नहीं आई। उन्होंने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए एक जूनियर तकनीकी अधिकारी (JTO) को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह बस के प्रत्येक हिस्से की तकनीकी जांच कर रिपोर्ट पेश करेंगे।

यात्रियों में दहशत, निगम पर गुस्सा

दुर्घटना के बाद यात्रियों में दहशत का माहौल रहा। कई लोगों ने कहा कि वे कुछ मिनटों तक संभल नहीं पाए क्योंकि टायर निकलने के बाद बस का संतुलन बिगड़ता हुआ महसूस हो रहा था। यात्रियों ने निगम से बसों की नियमित जांच सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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