ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहां घर के बरामदे में सो रहे दादी और पोते के पास ही बैठे एक कुत्ते को अजगर ने निगल लिया। इस घटना के बाद ना सिर्फ परिवार में बल्कि पूरे गांव में दहशत का माहौल है। यह घटना ऊना जिला के उपमंडल बंगाणा के तहत आती ग्राम पंचायत कठोह के धरूं गांव की मंगलवार अल सुबह की है।
घर के कोने में बैठा था कुत्ता
बताया जा रहा है कि एक बुजुर्ग महिला अपने पोते के साथ घर के बरामदे में सो रही थी। उनके पास ही उनका पालतू कुत्ता फिमेल डॉग भी बैठा हुआ था। इसी दौरान अचानक एक विशालकाय अजगर वहां पहुंच गया और उसने पालतू कुत्ते पर हमला कर दिया और देखते ही देखते उसे निगल लिया। इस घटना से पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
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बरामदे में सो रही थी दादी पोता
घर के सदस्यों के अनुसार सुबह करीब 5 बजे की बात है जब संध्या देवी और उनका पोता योगेश रोज की तरह खुले बरामदे में सो रहे थे। बरामदे के एक कोने में उनका पालतू कुतिया आराम कर रही थी। तभी अचानक एक भारी.भरकम अजगर चुपचाप वहां पहुंचा और पालतू कुतिया पर हमला कर दिया। अजगर ने उसे पूरी तरह से अपनी गिरफ्त में ले लिया और निगलना शुरू कर दिया।
कुत्ते की चीखों से टूटी नींद
कुतिया की दर्दभरी चीखों ने संध्या देवी की नींद तोड़ दी। जैसे ही उन्होंने आंखें खोलीं, सामने का दृश्य देख वह दहशत में आ गईं। अजगर कुतिया को पूरी तरह से निगल रहा था। उन्होंने तुरंत शोर मचाया, जिससे आस.पड़ोस के लोग जाग गए और मौके पर इकट्ठा हो गए। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी अजगर ने पूरी कुतिया को निगल लिया था।
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वन विभाग ने निभाई जिम्मेदारी
घटना की सूचना तुरंत वार्ड पंच मीना कुमारी द्वारा बीट वन रक्षक को दी गई। वन रक्षक ने इस मामले की जानकारी ब्लॉक फॉरेस्ट ऑफिसर संजीव रंधावा को दी, जो अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। टीम ने सावधानीपूर्वक अजगर को पकड़ा और सुरक्षित रूप से नजदीकी जंगल में छोड़ दिया।
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ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
हालांकि इस घटना में किसी भी इंसान को शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन गांव में डर का माहौल जरूर बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह घटना बच्चों या बुजुर्गों के साथ होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। यह भी अंदेशा जताया जा रहा है कि अगर वहां पर पालतू कुत्ता नहीं होता तो शायद अजगर बरामदे में सो रही दादी या पोते पर हमला कर सकता था। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों पर नजर रखने और नियमित निगरानी की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को टाला जा सके।
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वन विभाग का बयान
ब्लॉक फॉरेस्ट ऑफिसर संजीव रंधावा ने बताया कि अजगर को सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया गया है। ऐसे मामले गर्मियों और बरसात में अधिक आते हैं जब सांप व अजगर खुले इलाकों में भोजन की तलाश में निकलते हैं। ग्रामीणों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और इस तरह की घटनाओं की तुरंत सूचना वन विभाग को दें।
