शिमला। हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला में उस समय हड़कंप मच गया जब, एक सरकारी स्कूल में सोमवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। स्कूल परिसर में चल रहे मरम्मत कार्य के दौरान छत पर काम कर रहे एक मजदूर का अचानक संतुलन बिगड़ गया और वह कई फीट ऊंचाई से नीचे पक्के फर्श पर जा गिरा। ऊंचाई से गिरने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 

स्कूल की कर रहे थे मरम्मत 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जिला शिमला के जतोग स्थित एक स्कूल से सामने आया है। मजदूर कई पिछले कई वर्षों से निर्माण और मरम्मत का काम करता था। सोमवार को भी वह अन्य मजदूरों के साथ स्कूल की छत की मरम्मत में जुटे हुए थे। काम के दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और संतुलन बिगड़ने से वह सीधे नीचे पक्के फर्श पर गिर पड़े।

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गंभीर चोटें आने से बिगड़ी हालत

ऊंचाई से गिरने के कारण मजदूर के सिर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद मजदूरों और स्कूल प्रबंधन ने बिना देर किए उन्हें उठाया और इलाज के लिए IGMC शिमला पहुंचाया। रास्ते भर उनकी हालत बेहद नाजुक बनी रही।

अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ दिया दम 

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उनका परीक्षण किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार सिर में गंभीर चोट लगने और अधिक खून बहने की वजह से उनकी अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी।

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मृतक की पहचान 

हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर की पहचान 46 वर्षीय प्रमोद कुमार पुत्र ज्ञान चंद के रूप में हुई है। वह शिमला जिले की एक तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव पनेवला, डाकघर बायचड़ी के रहने वाले थे।

पुलिस ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम तुरंत स्कूल पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों और साथी मजदूरों से हादसे के बारे में जानकारी जुटाई।

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इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने मामले में कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और यह भी जांच की जा रही है कि हादसा केवल पैर फिसलने से हुआ या फिर सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही से हुआ है।

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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

प्रमोद कुमार की मौत की खबर जैसे ही उनके परिवार तक पहुंची, घर में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल है और लोग इस घटना को बेहद दुखद बता रहे हैं।