ऊना। हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना स्थित टाहलीवाल क्षेत्र में रविवार की सुबह उस वक्त दहशत में बदल गई, जब घने कोहरे के बीच एक निजी कंपनी के कर्मचारियों को ले जा रहा वाहन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। सड़कों पर विजिबिलिटी बेहद कम थी, चारों तरफ धुंध की चादर बिछी हुई थी और इसी बीच हुआ यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी और मैदानी इलाकों में तेज रफ्तार के खतरे को उजागर कर गया।
धुंध के बीच बिगड़ा संतुलन, सड़क पर पलटी गाड़ी
हादसा टाहलीवाल औद्योगिक क्षेत्र के हीरा थड़ा के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, सुबह-सुबह ड्यूटी के लिए निकले कर्मचारी वाहन में सवार होकर फैक्ट्री की ओर जा रहे थे। इसी दौरान अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया। चश्मदीदों का कहना है कि कोहरा इतना घना था कि सामने कुछ ही मीटर तक दिखाई दे रहा था, लेकिन इसके बावजूद वाहन की रफ्तार तेज बताई जा रही है। संतुलन बिगड़ते ही गाड़ी सड़क पर ही पलट गई।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : ड्राइवर ने की थी बस संभालने की कोशिश, खुद भी नहीं बच पाया- पैरापिट होते तो शायद...
मच गई चीख-पुकार
जैसे ही वाहन पलटा, भीतर बैठे कर्मचारियों में चीख-पुकार मच गई। कुछ कर्मचारी सीटों के बीच फंस गए तो कुछ सड़क पर गिर पड़े। हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर दौड़े चले आए और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी गई।
सात घायल, दो की हालत गंभीर
इस दुर्घटना में कुल सात कर्मचारी घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से सभी घायलों को तुरंत बाहर निकाला गया और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दो घायलों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें क्षेत्रीय अस्पताल ऊना रेफर किया गया है। अन्य पांच घायलों का इलाज स्थानीय स्तर पर जारी है।
यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार ने बहाल की IGMC डॉक्टर राघव की सेवाएं- मरीज विवाद के बाद किया था टर्मिनेट
मौके पर पहुंची पुलिस
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर कोहरा, कम विजिबिलिटी और तेज रफ्तार को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। पुलिस वाहन की तकनीकी जांच के साथ चालक से भी पूछताछ करेगी।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: अब बाबा की कुटिया में म@र्डर, भंडारे के दौरान फो*ड़ दिया व्यक्ति के सिर
सैकड़ों कर्मचारी करते हैं आवाजाही
टाहलीवाल जैसे औद्योगिक इलाकों में रोज सैकड़ों कर्मचारी सुबह और रात के समय आवाजाही करते हैं। ऐसे में खराब मौसम के दौरान सुरक्षा मानकों और वाहन गति पर नियंत्रण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
