मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने तबाही का वह मंजर दिखाया है, जिसे देख और सुन कर हर किसी की रूह कांप जा रही है। मंडी जिला में पांच जगहों पर बादल फटने से कई लोगों की मौत हो गई, तो कई लापता हो गए हैं। जिनकी तलाश में पुलिस और प्रशासन की टीमें जुटी हुई हैं। वहीं भारी बारिश से कई घर भी जमींदोज हो गए हैं। ऐसे ही एक घर के मलबे से दोपहर को दादा और पोते का शव निकाला गया है।
घर के मलबे में दब गया था पूरा परिवार
यह घटना बीती रात को गोहर उपमंडल की वाड़ा पंचायत में आधी रात को करीब पौने दो बजे हुई। बाड़ा पंचायत में एक दो मंजिला मकान अचानक से ढह गया। घर के साथ लगती गौशाला भी मलबे में बदल गई। हादसे के समय घर के अंदर परिवार के छह सदस्य आराम की नींद सो रहे थे। लेकिन अचानक यह सभी लोग मलबे में दफन हो गए। घटना का पता चलते ही पूरा गांव मदद के लिए दौड़ पड़ा।
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ग्रामीणों ने शुरू किया बचाव कार्य
वहीं पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। भारी बारिश के बावजूद ग्रामीण मलबे में दफन लोगों को निकालने में दिक्कतें आई, लेकिन करीब तीन घंटे के प्रयास के बाद लोगों ने मलबे में दफन परिवार के चार लोगों को तो बाहर निकाल लिया। लेकिन दो लोगों को नहीं बचाया जा सका। इन दोनों के शव आज दोपहर को मलबे में मिले।
दादा पोते की मौत
मृतक की पहचान 86 वर्षीय मंघरी देवी पत्नी लच्छी राम और 33 वर्षीय बिधी सिंह पुत्र गिरधारी के रूप में हुई है। दोनों मृतक दादा पोता थे। वहीं गौशाला के गिरने से करीब आधा दर्जन मवेशी भी जिंदा दफन हो गए और उनकी मौत हो गई। घटना की पुष्टि करते हुए कार्यकारी एसडीएम गोहर कृष्ण कुमार ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जिसके बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया जाएगा। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।
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बादल फटने से 4 मौतें, 16 लापता
बता दें कि हिमाचल में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार मंडी के गोहर, करसोग, धर्मपुर और थुनाग उपमंडलों के कई गांवों में बादल फटने की पुष्टि हुई है। मंडी में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 लोग घायल हुए हैं। करसोग के ओल्ड बाजार, धर्मपुर और गोहर में जानमाल का बड़ा नुकसान हुआ है। सिर्फ मंडी जिले में 16 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। सर्च ऑपरेशन में एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों को लगाया गया है।
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स्यांज में बह गए 9 लोग
गोहर के स्यांज गांव में दो घरों सहित 9 लोग पानी के तेज बहाव में बह गए। इनमें महिलाओं और बच्चों के भी शामिल होने की आशंका है। वहीं, धर्मपुर के स्याठी गांव पर पहाड़ गिरने से दो घर और पांच गौशालाएं तबाह हो गईं। राहत कार्य में ग्रामीण और प्रशासन जुटा हुआ हैए लेकिन लगातार बारिश से दिक्कतें बढ़ रही हैं।
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पटिकरी पावर प्रोजेक्ट तबाह
इसी तरह से सराज क्षेत्र के पंडोह में स्थित 16 मेगावाट क्षमता वाला पटिकरी पावर प्रोजेक्ट भी भारी बारिश की चपेट में आ गया। खड्ड में आई अचानक बाढ़ ने डैम से लेकर पावर हाउस तक की पूरी संरचना को तहस-नहस कर दिया। प्रोजेक्ट इंचार्ज श्याम लाल ने बताया कि बाढ़ के वक्त ड्यूटी पर तैनात 12 कर्मचारियों ने समय रहते जान बचाई, वरना बड़ी जानहानि हो सकती थी।
