मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जगह-जगह सड़कें धंस रही हैं, पहाड़ खिसक रहे हैं और सामान्य जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। इसी कड़ी में अब एक और बड़ा हादसा पेश आया है।

भरभरा कर गिरा टनल

यहां मंडी फोरलेन पर निर्माणाधीन बिज्नी टनल का हेड हिस्सा अचानक भरभरा कर गिर गया। घटना के वक्त कई मजदूर मौके पर मौजूद थे। टनल का हिस्सा गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई।

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मजदूरों ने भाग कर बचाई जान

बताया जा रहा है कि टनल के पास मजदूरों ने भाग कर अपनी जान बचाई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। विशेषज्ञों की मानें तो भारी बारिश के चलते पानी जमीन के भीतर रिस गया और इससे टनल हेड की संरचना कमजोर पड़ गई, जो अंततः भरभरा कर गिर पड़ी।

पूरे इलाके में दहशत का माहौल

टनल का मलबा भारी मात्रा में सड़क पर आ गिरा और निर्माण क्षेत्र को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। गनीमत रही कि घटना के वक्त टनल के भीतर कोई मजदूर या वाहन मौजूद नहीं था, जिससे कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। मगर हादसे की भयावहता को देखकर साफ है कि अगर कुछ पल पहले या बाद यह हादसा होता, तो एक बड़ा जानमाल का नुकसान हो सकता था।

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लगातार बारिश से जमीन हो गई कमजोर

जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से मंडी में लगातार हो रही बारिश के कारण मिट्टी की पकड़ कमजोर हो गई है। बिजनी टनल, जो कि एक प्रमुख फोरलेन परियोजना का हिस्सा है, उसी क्षेत्र में स्थित है जहां भू-संवेदनशीलता पहले से अधिक मानी जाती रही है।

निर्माण एजेंसी पर उठे सवाल

वहीं, टनल गिरने की घटना ने निर्माण एजेंसी और उनकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। इससे पहले भी इस क्षेत्र में कई बार छोटे-छोटे भूस्खलन हो चुके हैं, लेकिन उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

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आवाजाही पर लगी रोक

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। प्रशासन ने टनल स्थल को पूरी तरह से सील कर दिया है और आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। अधिकारियों ने प्राथमिक जांच शुरू कर दी है और निर्माण एजेंसी से रिपोर्ट तलब की गई है।

 

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और फोरलेन या अन्य निर्माण स्थलों के आसपास जाने से बचें। साथ ही, उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे सभी निर्माण स्थलों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और बारिश के दौरान कामकाज पूरी सावधानी से करें।

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जनजीवन फिर बेहाल

इस घटना के बाद मंडी जिले में एक बार फिर दहशत का माहौल बन गया है। पहले ही कई सड़कों पर यातायात बाधित है, दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्य शहर से कट चुका है और अब इस घटना ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में और भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे राहत कार्यों में और मुश्किलें आ सकती हैं।

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