मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक कार हादसे का शिकार हो गई है। यहां पर कशोड से पंडोह की ओर जा रही एक बोलेरो गाड़ी बाखली खड्ड में बने अस्थायी वैकल्पिक मार्ग पर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई।
खड्ड में गिरी कार
घटना उस समय हुई जब बोलेरो एक छोटे कलवर्ट (पानी के ऊपर बना संकरा रास्ता) को पार कर रही थी। इसी दौरान खड्ड में अचानक जलस्तर बढ़ा और पानी लगभग तीन फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया।
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खड्ड का बढ़ा जलस्तर
तेज बहाव और फिसलनयुक्त सतह के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और गाड़ी पलटते हुए खड्ड के किनारे जा अटकी। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जानी-नुकसान नहीं हुआ है।
अगर देर हो जाती तो...
घटना होते ही पास के गांव के ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। उन्होंने बिना देरी किए गाड़ी के भीतर सवार सभी लोगों को बाहर निकाल लिया। हादसे के समय बोलेरो में कई यात्री मौजूद थे, लेकिन किसी की जान को गंभीर नुकसान नहीं हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अगर बचाव में थोड़ी भी देर होती तो हालात गंभीर हो सकते थे।
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बाखली खड्ड पर अस्थायी पुल ही सहारा
बाखली खड्ड का यह मार्ग स्थायी पुल न होने के कारण लंबे समय से ग्रामीणों के सहयोग और श्रमदान से बनाया गया वैकल्पिक रास्ता है। बारिश के दिनों में यह रास्ता अत्यंत जोखिमपूर्ण हो जाता है।
खतरे से कम नहीं गुजरना
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई हफ्तों से हो रही बारिश के कारण मार्ग पर मिट्टी धंस रही है। पानी का दबाव बढ़ गया है। कलवर्ट के आसपास की जमीन कमजोर पड़ चुकी है।इसी वजह से वाहनों का गुजरना अब किसी खतरे से कम नहीं।
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अब और इंतजार नहीं
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि बाखली खड्ड पर स्थायी पुल का निर्माण शीघ्र किया जाए। वैकल्पिक मार्ग की वर्तमान स्थिति की तुरंत मरम्मत हो और भारी वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई जाए।
ग्रामीणों की प्रशासन से उम्मीदें
स्थानीय लोगों ने चेताया कि आज तो दुर्घटना टल गई, लेकिन खतरा जस का तस है। यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने कहा कि वे पिछले कई वर्षों से पुल निर्माण की मांग करते आ रहे हैं। कई बार प्रस्ताव भेजे गए, निरीक्षण हुए, लेकिन काम अब भी अधूरा है।
