कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में मॉनसून के शुरुआती दौर में ही कुदरत का विकराल रूप देखने को मिला है। जिला कांगड़ा के धर्मशाला के समीप खनियारा स्थित एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां इंदिरा प्रियदर्शनी हाइड्रो प्रोजेक्ट के पास मणुणी खड्ड में आए फ्लैश फ्लड में एक साथ 15 से 20 मजदूर बह गए। जिनमें से दो की दर्दनाक मौत हो गई।
प्रोजेक्ट से जुड़े निर्माण कार्य में लगे थे मजदूर
जानकारी के अनुसार, ये सभी मजदूर प्रोजेक्ट से जुड़े निर्माण कार्य में लगे थे और खड्ड किनारे बने अस्थायी टिन शेड में रह रहे थे। इस दौरान अचानक जलप्रवाह इतना तेज हुआ कि उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला। इस हादसे की पुष्टि धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने की है, जिन्होंने इसे अभूतपूर्व और बेहद पीड़ादायक बताया।
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रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, दो शव बरामद
उधर, घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिए। डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा के अनुसार, अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं और अन्य की तलाश जारी है। एनडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश और जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण बचाव कार्य में बाधाएं आ रही हैं।
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प्रशासन ने आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है और नदी-नालों के पास लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
प्रशासन की चेतावनी और मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के लिए अगले सात दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। खासतौर पर कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, चंबा और शिमला में भारी बारिश, भूस्खलन और नदियों में उफान की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे सावधानी बरतें, नदी-नालों के पास न जाएं और मौसम की जानकारी लगातार लेते रहें।
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सवालों के घेरे में निर्माण कंपनियां और व्यवस्थाएं
इस त्रासदी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि क्या संवेदनशील इलाकों में मजदूरों को सुरक्षित स्थान पर नहीं रखा जाना चाहिए था? क्या प्रशासन ने मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया? क्या निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया? अब आवश्यकता है कि सरकार न केवल राहत कार्यों को तेज करे, बल्कि भविष्य के लिए कोई ठोस नीति और आपदा प्रबंधन प्रणाली भी विकसित करे।
