शिमला। हिमाचल प्रदेश में दो दिन बाद यानी 15 नवंबर से हाईवे पर टोल प्लाजा के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। यह बदलाव केंद्र की मोदी सरकार ने किया है। जिसका असर हिमाचल प्रदेश के टोल प्लाजा क्रॉस करने वाले वाहन चालकों पर भी पड़ेगा। दरअसल केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 में संशोधन किया है।
बिना FASTag कटेगा डबल टोल
हिमाचल प्रदेश में भी अब हाइवे पर सफर करने वालों को डिजिटल होना पड़ेगा, अन्यथा उन्हें अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। दरअसल केंद्र की मोदी सरकार के टोल प्लाजा के नियमों किया बदलावा 15 नवंबर 2025 से लागू हो जाएगा। नए नियमों के अनुसार अब बिना FASTag वाले वाहनों से दोगुना टोल वसूला जाएगा। ऐसे में अगर आप भी दोगुना टोल देने से बचना चाहते हैं तो अपने वाहन पर जल्द से जल्द फॉस्ट टैग लगवा लें।
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केंद्र सरकार ने टोल प्लाज़ा के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जो 15 नवंबर 2025 से देशभर में लागू होंगे। नए नियम के अनुसार बिना वैध FASTag वाले वाहनों से दोगुना टोल वसूला जाएगा, जबकि डिजिटल माध्यम से भुगतान करने पर थोड़ी राहत मिलेगी। यह बदलाव हिमाचल प्रदेश समेत सभी राज्यों के राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू होगा।
नए नियम का विवरण
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 में संशोधन किया है। इसके तहत अगर वाहन में वैध FASTag है और यह सही काम कर रहा है] तो टोल शुल्क सामान्य अनुसार लिया जाएगा। लेकिन अगर FASTag फेल हो गया या वाहन में FASTag नहीं है, और चालक नकद भुगतान करता है, तो उसे दोगुना टोल चुकाना होगा। वहीं, अगर FASTag फेल होने पर ड्राइवर डिजिटल माध्यम (UPI, कार्ड, नेटबैंकिंग आदि) से भुगतान करता है, तो केवल 1.25 गुना टोल शुल्क ही देना होगा।
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उदाहरण के माध्यम से समझें:
- मान लीजिए किसी वाहन का सामान्य टोल 100 रुपये है:
- FASTag काम कर रहा है - 100 रुपये देना होंगे।
- FASTag फेल और नकद भुगतान - 200 रुपये।
- FASTag फेल और डिजिटल भुगतान - 125 रुपये।
सरकार का उद्देश्य
केंद्रीय सड़क मंत्रालय का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य टोल प्लाज़ा पर पारदर्शिता बढ़ाना, नकद लेनदेन कम करना और डिजिटल इंडिया मिशन को प्रोत्साहित करना है। इससे टोल प्लाज़ा पर लगने वाली लंबी कतारें कम होंगी और यात्रियों को तेज़, सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव मिलेगा। सरकार आने वाले समय में टोल सिस्टम को पूरी तरह ऑटोमैटिक और GPS आधारित बनाने की दिशा में काम कर रही है। इससे भविष्य में यात्रा की दूरी के आधार पर टोल की कटौती संभव हो सकेगी।
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हिमाचल में असर
हिमाचल प्रदेश के हाइवे यात्रियों के लिए यह बदलाव खास महत्व रखता है। शिमला, मनाली, किन्नौर और धर्मशाला की मुख्य राजमार्गों पर सफर करने वाले ड्राइवरों को अब बिना FASTag के अधिक शुल्क का सामना करना पड़ेगा। वहीं डिजिटल भुगतान करने वाले यात्री राहत का फायदा उठाएंगे। नए नियम के लागू होने के बाद सरकारी आंकड़े भी यह दर्शाते हैं कि यात्रियों की सुविधा और टोल संग्रह की प्रक्रिया में सुधार होगा।
