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April 11, 2026

हिमाचल: सड़क पर आ गिरा पहाड़, थम गया पठानकोट-भरमौर NH- लोकल व पर्यटक परेशान

वीकेंड पर बढ़ी पर्यटकों की मुश्किलें

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Himachal News

चंबा। हिमाचल प्रदेश और पंजाब को जोड़ने वाली लाइफलाइन कहे जाने वाले पठानकोट-भरमौर नेशनल हाईवे पर बीती रात एक बड़ा हादसा होने से टल गया लेकिन इसने सैकड़ों लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। चंबा जिले के भरमौर स्थित 'बत्ती हटी' के पास रात करीब दो बजे पहाड़ का एक विशाल हिस्सा दरक कर सड़क पर आ गिरा। इस भारी भूस्खलन के कारण हाईवे पूरी तरह से बंद हो गया है और पिछले कई घंटों से यहां वाहनों का पहिया थमा हुआ है।

वीकेंड पर पर्यटकों की बढ़ी मुश्किलें

शनिवार और रविवार का समय होने के कारण बड़ी संख्या में पंजाब और अन्य राज्यों से टूरिस्ट हिमाचल के खूबसूरत पर्यटन स्थलों जैसे भरमौर, डलहौजी, खजियार और धर्मशाला की सैर के लिए निकले थे। रात के अंधेरे में हुए इस लैंडस्लाइड के कारण पर्यटकों की गाड़ियां बीच रास्ते में ही फंस गईं। सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं।

 

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खतरनाक रास्तों से गुजरने को मजबूर लोग

मलबे के कारण सड़क संपर्क टूटने से लोग बेबस है। कुछ स्थानीय लोग और स्कूली बच्चे अपनी जान की परवाह ना करते हुए पहाड़ से गिर रहे पत्थरों और मलबे के ऊपर से पैदल रास्ता पार करने की कोशिश कर रहे हैं। सबसे डरावना मंजर तब देखने को मिला जब कुछ यात्रियों ने समय बचाने के लिए रावी नदी के बर्फीले पानी में उतरकर उसे पार करने का फैसला किया।

प्रशासन की सुस्ती पर भड़के लोग

इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा नाराजगी स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) के रवैये को लेकर है। रात के दो बजे लैंडस्लाइड हुआ था लेकिन सुबह के साढ़े आठ बजे तक भी मलबे को हटाने के लिए मौके पर कोई मशीनरी नहीं पहुंच पाई थी। 

 

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यात्रियों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि:

  • आपदा के समय रिस्पांस टाइम कम होना चाहिए लेकिन यहां सात-आठ घंटे बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई।
  • टूरिस्ट सीजन होने के बावजूद विभाग के पास ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए बैकअप प्लान की कमी दिखी।
  • प्रशासन की इस ढिलाई के कारण भूखे-प्यासे यात्री बीच रास्ते में फंसे हुए हैं।

हाईवे का महत्व और वर्तमान स्थिति

पठानकोट-भरमौर हाईवे केवल पर्यटन के लिए ही नहीं बल्कि भरमौर और पांगी जैसे दूरदराज के क्षेत्रों तक रसद और जरूरी सामान पहुंचाने का भी मुख्य जरिया है। हाईवे बंद होने से दूध, सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।

 

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फिलहाल मौके पर तनावपूर्ण माहौल है। लोग मांग कर रहे हैं कि तुरंत युद्ध स्तर पर कार्य शुरू किया जाए और सड़क को यातायात के लिए बहाल किया जाए। जब तक मलबा पूरी तरह साफ नहीं हो जाता तब तक इस रास्ते पर सफर करना बेहद खतरनाक बना हुआ है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे धैर्य रखें और अपनी जान जोखिम में डालकर नदी या मलबे के ऊपर से जाने की कोशिश ना करें।

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