शिमला। स्वतंत्रता दिवस से महज तीन दिन पहले हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के चालकों और परिचालकों को सुक्खू सरकार की ओर से बड़ा तोहफा दिया गया है। लंबे समय से ओवरटाइम भत्ते की मांग कर रहे एचआरटीसी कर्मचारियों की आखिरकार सुक्खू सरकार ने सुन ली है। प्रदेश की सुक्खू सरकार ने लंबित ओवरटाइम और नाइट ड्यूटी भत्ते के भुगतान के लिए 2 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है। इस फैसले से सैकड़ों एचआरटीसी कर्मचारियों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है, जो लंबे समय से अपने बकाये की प्रतीक्षा कर रहे थे।
क्या बोले मुकेश अग्निहोत्री
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में एचआरटीसी चालकों की यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ सरकार की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में कर्मचारियों द्वारा उठाई गई मांगों को गंभीरता से सुना गया और उसी के परिणामस्वरूप यह अहम निर्णय लिया गया। जिसके चलते अब एचआरटीसी चालकों परिचालकों का एक महीने का ओवरटाइम और नाइट ओवरटाइम भत्ता के लिए 2 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।
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बकाया भुगतान भी जल्द होगा
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि चालकों और परिचालकों की भूमिका राज्य की परिवहन व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार उनकी मेहनत और जिम्मेदारियों को समझती है और इसी के मद्देनज़र उनके बकाया भुगतानों को समय पर निपटाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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पेंशनरों की समस्या का भी होगा समाधान
उन्होंने यह भी दोहराया कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। आने वाले समय में कर्मचारियों से जुड़े अन्य मुद्दों का भी समाधान किया जाएगा, ताकि वे बिना किसी आर्थिक दबाव के अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।
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एचआरटीसी यूनियन ने जताया आभार
वहीं दूसरी तरफ एचआरटीसी यूनियन ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यह स्वतंत्रता दिवस से पूर्व सरकार की ओर से एक तोहफा है, जिसने कर्मचारियों को राहत की सांस दी है। इस फैसले से न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि यह संदेश भी गया है कि सरकार जमीनी स्तर के कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील और सक्रिय है।
