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April 24, 2026
सुक्खू सरकार ने पेंशनरों को दी बड़ी राहत, पेंशन बढ़ोतरी के साथ की पहले सप्ताह में देने की व्यवस्था
समयबद्ध भुगतान के साथ हजारों नए लाभार्थी जुड़े, दिव्यांगों को सबसे बड़ा फायदा
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में सुक्खू सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए लाखों पेंशनरों को राहत दी है। एक ओर जहां पेंशन राशि में इजाफा किया गया है] वहीं दूसरी ओर इसके वितरण से जुड़े नियमों को भी सरल और समयबद्ध बना दिया गया है] ताकि जरूरतमंदों तक सहायता बिना देरी के पहुंच सके।
प्रदेश सरकार के फैसले के तहत अब सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान हर तिमाही के अंतिम माह के पहले सप्ताह में सुनिश्चित किया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य यह है कि लाभार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। लंबे समय से पेंशन वितरण में देरी की शिकायतें सामने आती रही थीं, जिन्हें देखते हुए यह संशोधन किया गया है।
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पिछले तीन वर्षों में सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत 99,799 नए मामलों को मंजूरी दी है। इसके बाद राज्य में कुल लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 8,41,917 तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि सरकार लगातार समाज के कमजोर वर्गों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर दे रही है।
इन लाभार्थियों में वरिष्ठ नागरिक, विधवाएं, एकल महिलाएं और दिव्यांगजन शामिल हैं। राज्य में वृद्धावस्था पेंशन लेने वालों की संख्या सबसे अधिक है, जबकि बड़ी संख्या में विधवा, निराश्रित और एकल महिलाएं भी इस योजना का लाभ उठा रही हैं। इसके अलावा दिव्यांगजन और अन्य जरूरतमंद वर्गों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो रहा है।
दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सरकार का फैसला विशेष रूप से राहत भरा साबित हुआ है। 100 प्रतिशत दिव्यांगता वाले लोगों की मासिक पेंशन को 1,700 रुपये से बढ़ाकर सीधे 3,000 रुपये कर दिया गया है। इस निर्णय से करीब 7 हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा, जो पूरी तरह दूसरों पर निर्भर रहते हैं और जिनके लिए यह आर्थिक मदद बेहद अहम है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में 41,799, 2024-25 में 41,012 और 2025-26 में 16,988 नए लाभार्थियों को योजना से जोड़ा गया है, जिससे हर साल पेंशन पाने वालों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
सरकार ने केवल पेंशन राशि ही नहीं बढ़ाई, बल्कि इसके नियमों को भी काफी हद तक आसान बना दिया है। अब विधवा, परित्यक्ता और एकल महिलाओं के साथ-साथ 40 से 69 प्रतिशत दिव्यांगता वाले लोगों के लिए आय सीमा और ग्राम सभा की स्वीकृति जैसी शर्तों को समाप्त कर दिया गया है। इस बदलाव से पेंशन प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और पारदर्शी हो गई है।
इसके अलावा 69 वर्ष तक की 2,67,040 महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की पेंशन दी जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने में मदद मिल रही है। सरकार का मानना है कि इस तरह के कदम समाज के कमजोर तबकों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।