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August 12, 2025
हिमाचल के टोल बैरियर पर लगेंगे हाईटेक स्कैनर, अवैध शराब, नशीली वस्तुओं को करेंगे स्कैन
टोल बैरियरों पर ही पकड़े जाएंगे तस्कर, लगेंगे हाईटेक स्कैनर और फास्टैग सिस्टम
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सोलन। हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार अब और सख्त कदम उठाने जा रही है। आने वाले 20 दिनों के भीतर प्रदेश के सभी टोल बैरियरों पर अत्याधुनिक स्कैनर लगाए जाएंगे, जो बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की गहन जांच करेंगे। ये स्कैनर इतनी आधुनिक तकनीक से लैस होंगे कि वाहन में छुपाई गई शराब, नशीले पदार्थों, या अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं का पता तुरंत चल जाएगा। इसके अलावा सभी टोल बैरियरों पर फास्टैग सिस्टम लागू किया जा रहा है जिससे यातायात जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग के आयुक्त डॉ यूनुस खान ने मंगलवार को झाड़माजरी स्थित उपायुक्त कार्यालय के दौरे के दौरान इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी टोल नाकों पर फास्टैग प्रणाली सक्रिय की जा रही है, जिससे गाड़ियों की आवाजाही में तेजी आएगी और लंबी कतारों से निजात मिलेगी।
डॉ यूनुस ने बताया कि अब नशे के सौदागर हिमाचल में घुसने से पहले ही पकड़े जाएंगे। नए स्कैनर न केवल वाहनों की जांच करेंगे बल्कि सामान की भी बारीकी से स्कैनिंग करेंगे। इसमें यदि शराब, अफीम, चरस या कोई भी अन्य नशीली सामग्री छिपाई गई होगी, तो वह स्कैनर के रडार से बच नहीं पाएगी।
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डॉ खान ने बताया कि हाल के महीनों में चलाए गए अभियान के तहत अब तक 32,000 लीटर से अधिक अवैध शराब पकड़ी गई है और 200 से ज्यादा मामलों में कानूनी कार्रवाई हो चुकी है। विभाग अब ऐसे कारोबारियों की संपत्तियां भी जब्त करने की तैयारी में है।
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प्रदेश में प्रवेश के मुख्य प्वाइंट जैसे परवाणू, मैहतपुर, नूरपुर, स्वारघाट, बद्दी और कालाअंब में अब सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। परवाणू में टिपरा के पास जमीन देखी गई है, जहां फूड प्वाइंट, ई.चार्जिंग स्टेशन, टायर पंक्चर सुविधा और पार्किंग जैसे आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
प्रदेश भर में चल रहे निगरानी अभियान के तहत मोबाइल यूनिट्स और विशेष टीमें बनाई गई हैं जो लगातार एंट्री प्वाइंट्स और आंतरिक क्षेत्रों में जांच कर रही हैं। अब तक 900 से अधिक निरीक्षण किए जा चुके हैं और 500 से ज्यादा मामलों में कार्रवाई हुई है।