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April 23, 2026

विक्रमादित्य सिंह ने अपने विभाग के 119 कर्मियों की बदल दी किस्मत, अब मिलेंगी सभी सरकारी सुविधाएं

विक्रमादित्य सिंह के विभाग में वर्षों से असुरक्षा में काम कर रहे कर्मचारियों को मिली राहत

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Vikramaditya singh

शिमला। हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार ने लोक निर्माण विभाग के 119 दिहाड़ी बेलदारों को बड़ी राहत देते हुए उनके नियमितीकरण को मंजूरी दे दी है। लंबे समय से अस्थायी स्थिति में काम कर रहे इन कर्मचारियों के लिए यह फैसला किसी बड़ी सौगात से कम नहीं माना जा रहा है। खास बात यह है कि यह निर्णय मंत्री विक्रमादित्य सिंह के विभाग से जुड़ा है] जहां वर्षों से असुरक्षा और अनिश्चित भविष्य के बीच काम कर रहे कर्मचारियों की अब सभी चिंताओं पर विराम लग गया है।

वर्षों की अनिश्चितता पर लगा विराम

इन बेलदारों में अधिकतर कर्मचारी ऐसे थे जो लंबे समय से दैनिक वेतन पर कार्य कर रहे थे और अपने भविष्य को लेकर असमंजस में थे। अब सरकार के इस फैसले ने उनके जीवन में स्थायित्व की नई उम्मीद जगा दी है। नियमित होने के साथ ही उन्हें न केवल नौकरी की सुरक्षा मिलेगी] बल्कि सामाजिक सम्मान और आर्थिक स्थिरता भी प्राप्त होगी।

 

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लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने इसको लेकर मंजूरी प्रदान करते हुए सभी अधीक्षण अभियंताओं को पात्र कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया तय समय सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। विभागीय आदेशों के अनुसार 31 मार्च 2026 तक लगातार चार वर्ष की नियमित सेवा पूरी करने वाले बेलदारों को नियमित किया जाएगा।

सरकारी सुविधाओं का मिलेगा पूरा लाभ

नियमितीकरण के बाद कर्मचारियों को वेतनमान, महंगाई भत्ता, अवकाश, सेवा सुरक्षा और अन्य सभी सरकारी लाभ मिलेंगे। इससे उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा और परिवारों को भी आर्थिक मजबूती मिलेगी। यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए बेहद अहम है, जो वर्षों से सीमित संसाधनों में काम कर रहे थे।

 

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निर्धारित मापदंडों के आधार पर चयन

मंत्री विक्रमादित्य सिंह के लोक निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा, जिन्होंने निर्धारित अवधि तक लगातार सेवा दी है। प्रत्येक वर्ष न्यूनतम 240 दिन काम पूरे करने वाले और जनजातीय क्षेत्रों में 180 दिन काम करने वाले बेलदार ही नियमितीकरण के हकदार होंगे। इसके अलावा उन्हें निर्धारित शैक्षणिक योग्यता भी पूरी करनी होगी।

प्रदेशभर के कई क्षेत्रों को मिला लाभ

इस निर्णय का लाभ प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत कर्मचारियों को मिलेगा। ऊना, नाहन, मंडी, शिमला, सोलन, कुल्लू, हमीरपुर, बिलासपुर, पालमपुर और अन्य क्षेत्रों में काम कर रहे बेलदार अब नियमित कर्मचारी के रूप में अपनी सेवाएं दे सकेंगे। इससे विभाग की कार्यप्रणाली में भी स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है।

 

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सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़े कदम

सरकार के इस फैसले ने वर्षों से अस्थिर रोजगार के बीच काम कर रहे कर्मचारियों के जीवन में एक नई दिशा दी है। अब उन्हें न केवल नौकरी की सुरक्षा मिलेगी, बल्कि भविष्य में पदोन्नति, पेंशन और अन्य सुविधाओं का मार्ग भी खुल गया है। यह कदम सरकार की कर्मचारी हितैषी सोच को भी दर्शाता है, जिसने एक बड़े वर्ग को राहत देने का काम किया है।

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