सराज (मंडी)। हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम जयराम ठाकुर के गृह क्षेत्र की जनता अब सुक्खू सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रही है। मामला थुनाग के पखरीदार में औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय से जुड़ा हुआ है। इस महाविद्यालय के भवन का निर्माण तीन साल बाद भी शिलान्यास से आगे नहीं बढ़ पाया है। बड़ी बात यह है कि अब इस भवन को आया पैसा भी सरकार ने वापस मांग लिया है।

राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

सुक्खू सरकार द्वारा महाविद्यालय भवन के लिए आए पैसे को वापस लेने से जनता भड़क गई है। जयराम ठाकुर के गृह क्षेत्र सराज के तीन जिला परिषद सदस्यों, आठ बीडीसी सदस्यों और 15 प्रधानों ने सराज के एसडीएम के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन भेजा है। जिसमें मांग की गई है कि पूर्व सरकार द्वारा भवन को दिए पैसे को वर्तमान सरकार द्वारा वापस लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह भी पढ़ें : हिमाचल पर मेहरबान मोदी सरकार: खत्म कर दी CM सुक्खू की सबसे बड़ी परेशानी

सड़कों पर उतरेगी जयराम के गृह क्षेत्र की जनता

लोगों ने महामहिम से मांग की है कि जल्द से जल्द इस महाविद्यालय के भवन का निर्माण कार्य शुरू किया जाए। अन्यथा सराज की जनता सड़कों पर उतरेगी और इसकी जिम्मेदार प्रदेश की कांग्रेस सरकार होगी। वहीं इस बारे में नौणी विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि लोक निर्माण विभाग के खाते में रखकर इन पैसों से विवि को नुकसान हो रहा है। अगर यह पैसा विश्वविद्यालय के खाते में रहता तो इसका विश्वविद्यालय को ब्याज मिलता। जिसके चलते उन्होंने लोक निर्माण विभाग को दस करोड़ रुपये का बजट वापस करने को कहा है। यह भी पढ़ें : ना प्रचार किया, ना मांगे वोट; फिर भी 3 पुरुषों को हराकर चुनाव जीत गई महिला

अप्रैल 2022 में किया था भवन का शिलान्यास

बता दें कि पूर्व की जयराम सरकार के समय में पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने 6 अप्रैल 2022 को इस भवन का शिलान्यास किया था। यह भवन अनुमानित 240 करोड़ की लागत से थुनाग के पास पखरीदार में करीब 205 बीघा जमीन पर बनना था। लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी इस भवन का अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। वहीं अब इस भवन निर्माण के लिए आए 10 करोड़ को भी सरकार ने वापस ले लिया है। यह भी पढ़ें : हिमाचल : कार में नशे की खेप बेचने निकले थे तीन युवक, बीच रास्ते पकड़े गए

साल 2022 में आए थे 10 करोड़ रुपए

पखरीदार में बनने वालेऔद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए जुलाई 2022 में 6 करोड़ रुपए और सितंबर 2022 में चार करोड़ रुपए मिले थे। जिन्हें अब सुक्खू सरकार ने वापस मांग लिया है। हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र में भी यह मामला काफी जोरशोर से उठा था और दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई थी। यह भी पढ़ें : कमरे में अकेला सोया था हर्ष, सुबह दरवाजे खोलते ही मची चीख-पुकार

क्या कहतें हैं पूर्व सीएम जयराम ठाकुर

वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर इस महाविद्यालय को बंद करने के आरोप लगाए हैं। जयराम ठाकुर ने कहा जिस औद्यानिकी कॉलेज से स्टूडेंट्स के तीन-तीन सेशन पास आउट हो गए, उसे अब सुक्खू सरकार बंद करना चाह रही है। यह भी पढ़ें : हिमाचल : घास काटने पर हुआ विवाद- मां और बेटे ने शख्स पर किए कई वार पूर्व सरकार द्वारा कॉलेज के निर्माण के लिए दी गई 10 करोड़ रुपए की धनराशि भी वापस मंगवा ली। सत्ता में आने के साथ ही सुक्खू सरकार ने अपना इरादा साफ़ कर दिया था कि वह सिर्फ़ विनाश के काम करेगी विकास के नहीं।पिछली सरकार द्वारा संस्थानों को जारी किए गए बजट को वापस मंगवा कर मुख्यमत्री सुखविंदर सिंह ष्सुक्खूष् अपनी सरकार चलाना चाहते हैं।

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