शिमला। हिमाचल प्रदेश में अब होमस्टे का पंजीकरण आसान नहीं होगा। सुक्खू सरकार ने हिमाचल में चल रहे होम स्टे को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में होम स्टे चलाने के लिए कई मानकों का पालन करने की शर्त रखी गई है।

होम स्टे का पंजीकरण नहीं होगा आसान

दरअसल, सुक्खू सरकार ने नई होमस्टे योजना-2025 को राजपत्रित पर प्रकाशित कर दी है। इसमें होम स्टे संचालकों को राहत देने के साथ-साथ उन पर शिकंजा भी कसा गया है। होम स्टे को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को कैटेगिरी में बांटा गया है। ऐसे में अब इस योजना को लेकर सुझाव व आपत्तियां दर्ज करवाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

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नई होम स्टे योजना

सुक्खू सरकार द्वारा पंजीकरण को लेकर कई तरह की 18 मानकों का पालन करने जरूरी हैं। नई योजना में शर्तें निर्धारित करने के साथ-साथ होम स्टे के कमरों व बाथरूम के साइज भी निर्धारित किए गए हैं। नई होम स्टे योजना को लेकर पर्यटन विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की जा चुकी है। इस योजना को लेकर होम स्टे संचालक 2 मार्च तक आपत्तियां और सुझाव दर्ज करवा सकते हैं। इसके बाद नए नियमों के तहत ही होम स्टे पंजीकृत हो पाएंगे।

क्या है शुल्क दरें?

पर्यटन विभाग द्वारा अधिसूचना के अनुसार, फार्म हाउस, बगीचों और चाय बागान में भी होमस्टे चला सकेंगे। इसके लिए पंजीकरण शुल्क और नवीकरण शुल्क भी निर्धारित कर दिया गया है। होम स्टे का नवीकरण करवाने की स्थित में शुल्क पंजीकरण शुल्क के समान ही होगा।

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  • अगर किसी होम स्टे संचालक के पास कमरों की संख्या चार से छह है- तो उसे नगर निगम परिधि में 12,000 रुपए चुकाने होंगेष जबकि, तीन कमरों की संख्या वाले होम स्टे संचालक को 8000 रुपए शुल्क चुकाना पड़ेगा।
  • TCP, साडा, नगर परिषद और नगर पंचायत में शुल्क 5000 से 8000 हजार रुपए रहेगा।
  • पंचायत क्षेत्र में शुल्क 3000 से 6000 हजार रुपए रहेगा।

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क्या रखी गई हैं शर्तें?

नए नियमों के तहत होम स्टे को पंजीकृत करने के लिए होम स्टे संचालकों को कुछ शर्तें माननी होंगी। जैसे कि-

  • होम स्टे मालिक के पास 120 वर्ग फुट से लेकर 100 वर्ग फुट के आकार का सिंगल और डबल बेडरूम होगा।
  • 30 वर्ग फुट का बाथरूम-शौचालय होगा।
  • होम स्टे के परिसर में CCTV लगाना अनिवार्य होगा।
  • पीने के पानी के लिए RO और एक्वागार्ड लगाना जरूरी है।
  • कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था होनी चाहिए।
  • कमरों में टाइल्स और मार्बल फ्लोरिंग होनी चाहिए।
  • कमरों में सीलन नहीं होनी चाहिए।
  • कमरों में फर्स्ट एड की सुविधा के साथ चिकित्सक का नाम, मोबाइल नंबर लिखा होना चाहिए।
  • होमस्टे में आगंतुक पुस्तिका उपलब्ध होनी चाहिए ताकि ग्राहक फीडबैक दे सकें।

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