शिमला। हिमाचल प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। पहाड़ों के लिए मशहूर प्रदेश में इस बार मई के अंतिम सप्ताह में सूरज ऐसा आग उगल रहा है कि लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। मैदानी इलाकों से लेकर कई पहाड़ी क्षेत्रों तक गर्मी ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज धूप खिली रही। ऊना और मंडी जिलों में हीटवेव जैसे हालात दर्ज किए गए, जबकि शिमला सहित अन्य क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया। हालांकि राजधानी शिमला में हल्की हवाएं चलने से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली।
ऊना में 44 डिग्री पहुंचा पारा
गर्मी का सबसे अधिक असर ऊना जिले में देखने को मिला, जहां तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा हमीरपुर के नेरी में पारा 40.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मंडी में तापमान सामान्य से 5 डिग्री से अधिक बढ़कर 38.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
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प्रदेश के आठ से अधिक शहरों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
गुरुवार को हीटवेव के साथ आंधी तूफान और बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए ऊना, बिलासपुर और सोलन जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में दिन के समय तेज गर्म हवाएं चलने और तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना जताई गई है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
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कल पांच जिलों में बारिश -ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने कल गुरुवार को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश, आंधी और भारी ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। पूर्वानुमान के अनुसार कई स्थानों पर 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे में किसानों और बागवानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फसलों तथा फलों को नुकसान पहुंच सकता है।
30 मई तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार 28 मई से शुरू होने वाला मौसम का यह बदलाव 30 मई तक प्रभावी रह सकता है। प्रदेश के कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ जाएगा, लेकिन ऊंचाई वाले और मध्यम पर्वतीय क्षेत्रों में 2 जून तक हल्की बारिश या बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है।
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गर्मी से बचने रोहतांग पहुंचे पर्यटक
मैदानी राज्यों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक मनाली और रोहतांग का रुख कर रहे हैं। बर्फीली वादियों का आनंद लेने पहुंचे पर्यटकों की भारी भीड़ के कारण मनाली-रोहतांग मार्ग पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिल रहा है।
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कई पर्यटकों को घंटों तक वाहनों में फंसे रहना पड़ रहा है। हालांकि इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग रोहतांग की ठंडी वादियों का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। कुल मिलाकर प्रदेश में फिलहाल गर्मी का प्रकोप चरम पर है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से अगले दो दिनों में मौसम करवट ले सकता है। बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं किसानों और बागवानों की चिंता भी बढ़ गई है।
