शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। प्रदेश में मई महीने में दिसंबर जैसी ठंड का एहसास होने लगा है। राजधानी शिमला समेत कई जिलों में दिनभर धूप के बाद शाम होते.होते आसमान घिर गया और तेज बारिश के साथ ठंडी हवाओं ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। मौसम विभाग ने अगले पांच दिन भी प्रदेश में भारी बारिश के अलावा ओलावृष्टि और आंधी तूफान का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
आज शनिवार को राजधानी शिमला के साथ-साथ ठियोग, कुफरी, फागू और सोलन के कई इलाकों में अचानक बारिश शुरू हो गई। शाम करीब साढ़े पांच बजे ही ऐसा अंधेरा छा गया मानो रात हो गई हो। तेज हवाओं और बारिश ने लोगों को ठंड का एहसास करा दिया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: दामाद के साथ बाइक पर निकली थी सास, अचानक हो गई अनहोनी; थमी सांसें
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने मंडी, कुल्लू, बिलासपुर, सोलन, सिरमौर और शिमला जिलों के लिए तेज बारिश और आंधी-तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है] जबकि चंबा और कांगड़ा में येलो अलर्ट दिया गया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों किन्नौर और लाहौल-स्पीति में हल्की बर्फबारी के भी आसार जताए गए हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल निकाय चुनाव: 'अपनों' के मोह में फंसी कांग्रेस, अनुभव को दरकिनार कर मंत्री के भतीजे को दिया टिकट
अगले छह दिन मौसम रहेगा खराब
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले छह दिनों तक प्रदेश में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहेगा। 3 और 5 मई को अधिकांश जिलों में येलो अलर्ट रहेगा, जबकि 4 मई को कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
तापमान में गिरावट] ठंड ने बढ़ाई सिहरन
मौसम में बदलाव के साथ तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है। पहले से ही सामान्य से नीचे चल रहा पारा और गिरने से लोगों को मई में सर्दियों जैसा अनुभव हो रहा है। बाहर से आने वाले पर्यटक इस ठंडे और सुहावने मौसम का आनंद ले रहे हैं, वहीं स्थानीय लोगों के लिए लगातार बदलता मौसम चिंता का कारण बना हुआ है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में पिकअप और कार चालक की गलती से गई 2 युवकों की जा.न, एक आरोपी फरार
किसानों-बागवानों की बढ़ी चिंता
जहां एक ओर इस बदले मौसम से मैदानी इलाकों के लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों और बागवानों के लिए यह मुसीबत बनकर आया है। ओलावृष्टि ने कई जगह सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। सेब के पेड़ों के साथ-साथ एंटी-हेल नेट और बांस भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके अलावा फूलगोभी और मटर जैसी सब्जियों की फसल भी प्रभावित हुई है।
