चंबा। हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा-2026 में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस बार जिला प्रशासन ने बड़ा बदलाव किया है। यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से ऑनलाइन पंजीकरण पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। अब बिना पंजीकरण कोई भी श्रद्धालु यात्रा नहीं कर सकेगा।

ऑनलाइन होगा पंजीकरण

प्रशासन के अनुसार प्रत्येक श्रद्धालु को पहले आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा। इसके बाद यात्रा मार्ग पर बनाए गए निरीक्षण केंद्रों पर QR कोड के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन पूरा होने के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे यात्रा की अनुमति मिलेगी।

यह भी पढ़ें : विक्रमादित्य सिंह के विभाग की सुस्ती पर हाईकोर्ट सख्त, पुल निर्माण देरी पर सुक्खू सरकार से मांगा जवाब

1 अगस्त से शुरू होगा पंजीकरण

उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि 1 अगस्त 2026 से आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण और स्लॉट बुकिंग की सुविधा शुरू कर दी जाएगी।

शुल्क में भी बढ़ोतरी

इस बार पंजीकरण शुल्क 50 रुपये निर्धारित किया गया है। पिछले वर्ष यह शुल्क 20 रुपये था। यानी इस बार श्रद्धालुओं को 30 रुपये अधिक चुकाने होंगे।

यह भी पढ़ें : यमुना ने हरियाणा में उगली देह, चोटों से भरा है पूरा शरीर, हिमाचल में बड़ी सा.जिश की आशंका!

बिना पंजीकरण नहीं मिलेगी कोई सुविधा

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना ऑनलाइन पंजीकरण यात्रा पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने सहित किसी भी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। श्रद्धालु केवल आधिकारिक वेबसाइट www.manimaheshyatra.hp.gov.in पर ही अपना पंजीकरण कर सकेंगे।

QR कोड से होगा सत्यापन

पंजीकरण के बाद प्रत्येक श्रद्धालु को एक पर्ची जारी की जाएगी, जिस पर एक यूनिक QR कोड अंकित होगा। इसी क्यूआर कोड के माध्यम से श्रद्धालु की पहचान और पंजीकरण का सत्यापन किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : हिमाचल में फिर भारी बारिश का खतरा : 3 दिन ऑरेंज अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

पर्ची पर श्रद्धालु का आवश्यक विवरण, आपातकालीन सहायता नंबर, यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां और जरूरी दिशा-निर्देश भी अंकित रहेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

इन दो स्थानों पर होगी अनिवार्य जांच

प्रशासन लाहड़ू और कलसुईं में विशेष पंजीकरण निरीक्षण केंद्र स्थापित करेगा। इन दोनों स्थानों पर हर श्रद्धालु के पंजीकरण की अनिवार्य जांच की जाएगी। सत्यापन के बाद ही यात्रियों को आगे बढ़ने की अनुमति मिलेगी।

यह भी पढ़ें : हिमाचल: 5 दिन से लापता युवती की जंगल में मिली देह, 2 माह बाद थी शादी; उठ रहे कई सवाल

भीड़ प्रबंधन और सुविधाओं पर रहेगा विशेष फोकस

उपायुक्त ने पुलिस विभाग को निरीक्षण केंद्रों पर यातायात और भीड़ प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से पंजीकरण प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा गया है।

 

बैठक में यात्रा मार्ग, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, बिजली, सफाई, यातायात और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। प्रशासन का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा उपलब्ध कराना है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें