शिमला। हिमाचल प्रदेश में बंदरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ये बेखौफ बंदर कभी राह चलते लोगों पर अचानक हमला कर देते हैंए तो कभी पलक झपकते ही उनका कीमती सामान छीनकर रफूचक्कर हो जाते हैं। इन बंदरों के बढ़ते खौफ से न केवल स्थानीय लोग बुरी तरह परेशान हैंए बल्कि हसीन वादियों का लुत्फ उठाने आ रहे पर्यटक भी खासे परेशान हो रहे हैं। ऐसा ही एक हैरान और परेशान कर देने वाला मामला अब हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से सामने आया हैए जहां मालरोड पर एक बंदर पर्यटक के सिर से उसकी पगड़ी ही उतार कर ले भागा।
आराम कर रहे सैलानी की पगड़ी ले भागा बंदर
मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को एक पर्यटक अपने परिवार के साथ शिमला के प्रसिद्ध मालरोड पर घूम रहा था। घूमते-घूमते जब थकान हुई, तो वह आराम करने के लिए सीटीओ (CTO) के समीप एक बेंच पर बैठ गया। परिवार आपस में बातचीत कर ही रहा था कि तभी अचानक एक बंदर वहां आ धमका। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या संभल पाता, बंदर ने बिजली की तेजी से झपट्टा मारा और सैलानी के सिर पर बंधी पगड़ी को खींचकर सीधे पास के एक ऊंचे पेड़ पर जा बैठा।
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पेड़ पर फैशनेबल हुआ बंदर, जुट गई लोगों की भीड़
पगड़ी हाथ में आते ही बंदर पेड़ की डालियों पर बैठकर अजीबोगरीब हरकतें करने लगा। कभी वह उस पगड़ी से खेलने लगता, तो कभी उसे किसी राजा की तरह अपने सिर पर ओढ़ने लगता। मालरोड जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर बंदर की यह हरकत देखकर मौके पर लोगों का जमावड़ा लग गया। स्थानीय लोगों और सैलानियों ने खाने-पीने की चीजों का लालच देकर बंदर से पगड़ी छुड़ाने की काफी कोशिशें कीं, लेकिन बंदर पगड़ी छोड़ने को तैयार नहीं हुआ। काफी देर तक चले इस ड्रामे के दौरान पीड़ित सैलानी और उसका परिवार लाचार खड़ा रहा।
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चश्मे, पर्स और मोबाइल सब पर बंदरों की नजर
यह कोई पहली घटना नहीं है जब शिमला में बंदरों ने इस तरह की हरकत की हो। इससे पहले भी ऐसे अनगिनत मामले सामने आ चुके हैं, जहां बंदर पर्यटकों के महंगे चश्मे, लेडीज पर्स, खाने-पीने के सामान और यहां तक कि हाथ से मोबाइल छीनकर पहाड़ों व पेड़ों पर चढ़ जाते हैं। कई बार सामान वापस पाने के चक्कर में लोग घायल भी हो चुके हैं।
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प्रशासन के दावों की खुली पोल
राजधानी के सबसे पॉश और व्यस्त इलाके मालरोड व रिज मैदान पर बंदरों के इस कदर हावी होने से प्रशासन के तमाम दावों पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों और नागरिक संगठनों का कहना है कि बंदरों के इस आतंक के कारण शिमला की पर्यटन छवि पर बुरा असर पड़ रहा है। सैलानी अब खुले में शांति से बैठने या घूमने से भी कतराने लगे हैं। लोगों ने नगर निगम और वन विभाग से मांग की है कि इन उग्र बंदरों को पकड़ने के लिए जल्द से जल्द विशेष अभियान चलाया जाए।
