शिमला। हिमाचल प्रदेश में अगले तीन दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने की संभावना है और अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि, 27 जुलाई से प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है।
हिमाचल में फिर भारी बारिश का खतरा
IMD के अनुसार 27 जुलाई से एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से 27 से 29 जुलाई के बीच राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए विभाग ने इस अवधि के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
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मौसम विभाग ने लोगों और जिला प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने विशेष रूप से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और संवेदनशील स्थानों से दूर रहने की अपील की है। वहीं शुक्रवार के लिए बिलासपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
इन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश के आसार
IMD के साप्ताहिक पूर्वानुमान के अनुसार अगले एक सप्ताह के दौरान सोलन जिले के अधिकांश हिस्सों तथा शिमला और सिरमौर के कुछ इलाकों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। बिलासपुर और किन्नौर में सामान्य वर्षा का अनुमान है, जबकि चंबा, कांगड़ा, ऊना और हमीरपुर में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। हालांकि किन्नौर के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज होने की संभावना जताई गई है।
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30 जुलाई से 5 अगस्त तक भी बारिश जारी रहेगी
मौसम विभाग के अनुसार 30 जुलाई से 5 अगस्त के बीच भी प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। मध्य पर्वतीय और उससे सटे निचले इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की भी संभावना है। हालांकि इस अवधि में राज्य के अधिकांश हिस्सों में कुल वर्षा सामान्य से कम रहने का अनुमान है, जबकि किन्नौर के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है।
मानसून अब भी सामान्य से 10 प्रतिशत कमजोर
प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से 10 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। एक जून से 23 जुलाई के बीच हिमाचल में सामान्य रूप से 285.2 मिलीमीटर वर्षा होती है, जबकि इस वर्ष अब तक केवल 255.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
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सबसे ज्यादा बारिश कहां?
जिलावार आंकड़ों के अनुसार हमीरपुर में 41 प्रतिशत, मंडी में 31 प्रतिशत, कांगड़ा में 20 प्रतिशत, बिलासपुर में 9 प्रतिशत, चंबा में 4 प्रतिशत और सिरमौर में 1 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं किन्नौर एकमात्र ऐसा जिला है, जहां सामान्य से 29 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
लगातार बारिश से तापमान में बड़ी गिरावट
पिछले चार दिनों से हो रही बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 3.3 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है।
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चंबा में अधिकतम तापमान सामान्य से 11.7 डिग्री कम होकर 22.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कांगड़ा में तापमान 5.6 डिग्री गिरकर 27.4 डिग्री, केलांग में 7.3 डिग्री गिरकर 17.7 डिग्री, मनाली में 4.3 डिग्री गिरकर 21 डिग्री, मंडी में 2 डिग्री गिरकर 29.3 डिग्री और कुफरी में 5 डिग्री की गिरावट के साथ अधिकतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
