शिमला। हिमाचल प्रदेश में अचानक बदले मौसम ने बागवानों की कमर तोड़ दी है। शिमला सहित कई इलाकों में तेज ओलावृष्टि और बारिश से सेब व सब्जियों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में गिरे मोटे ओलों ने मेहनत पर पानी फेर दिया। मौसम विभाग ने अगले छह दिनों तक प्रदेश में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।

ओलावृष्टि ने खेत-खलिहानों को भारी नुकसान

जानकारी के अनुसार, शिमला जिले के कई इलाकों में तेज बारिश और ओलावृष्टि ने खेत-खलिहानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खासकर कुफरी और ठियोग क्षेत्र में गिरे बड़े ओलों ने सेब सहित सब्जी फसलों को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

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आज यानी वीरवार को दोपहर बाद शिमला जिला के कई हिस्सों में मौसम अचानक बिगड़ गया और अचानक एक से दो बजे के बीच जोरदार ओलावृष्टि हुई, जिससे कुछ ही देर में जमीन पर बर्फ जैसी मोटी परत जम गई। करीब ढाई बजे शिमला शहर में भी तेज बारिश के साथ हल्के ओले गिरे, जिससे दिन में ही अंधेरा सा माहौल बन गया।

आवाजाही भी हुई प्रभावित

इस ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर बागवानी और सब्जी उत्पादन पर पड़ा है। सेब के बगीचों में नई फसल को नुकसान पहुंचा है, वहीं फूलगोभी और मटर जैसी सब्जियां भी काफी हद तक खराब हो गई हैं। सड़कों पर जमी ओलों की परत के कारण फिसलन बढ़ गई, जिससे आवाजाही भी प्रभावित हुई।

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मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए शिमला, सोलन और सिरमौर में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। वहीं चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। राज्य के कई हिस्सों जैसे मनाली और मंडी में भी मौसम खराब बना हुआ है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में अभी धूप देखने को मिली है।

अधिकांश जिलों में तेज बारिश और तूफान की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, अगले छह दिनों तक प्रदेश में रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि होने की भी आशंका है। खासतौर पर 3 और 4 मई को मौसम ज्यादा सक्रिय रहने वाला है, जब अधिकांश जिलों में तेज बारिश और तूफान की संभावना जताई गई है।

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मौसम में इस बदलाव से तापमान में गिरावट आई है, लेकिन किसानों और बागवानों के लिए यह चिंता का विषय बन गया है। लगातार खराब मौसम से फसलों को और नुकसान होने की आशंका बनी हुई है।

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