शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार महिलाओं को घर बनाने के लिए 3 लाख रुपये दे रही है। इसके लिए सरकार ने एक योजना चला रखी है जिसके तहत पात्र महिलाओं को 3 किश्तों में पैसा मिलेगा। ये योजना उन महिलाओं को सोचकर बनाई गई है जो विभिन्न परिस्थितियों की वजह से असहाय महसूस करती हैं।
कौन महिलाएं उठा सकती हैं योजना का लाभ
- विधवा महिलाएं
- जिन महिलाओं ने शादी नहीं की है (40 साल से ज्यादा उम्र की महिलाएं भी शामिल)
- जिन महिलाओं को छोड़ दिया गया है
- दिव्यांग महिलाएं (40 प्रतिशत से ज्यादा दिव्यांगता जरूरी)
- जिनकी सालाना आय अढ़ाई लाख से कम हो
- महिलाएं कामगार बोर्ड में पंजीकृत हों
- पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन काम किया हो
- घर बनाने के लिए कम से कम 2 बिस्वा अपनी जमीन हो
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योजना के लिए कैसे करेंगे आवेदन ?
- महिला संबंधित जिले या जोन के लेबर वेलफेयर ऑफिसर के जरिए आवेदन कर सकती है
- फिर ये अधिकारी केस बनाकर कामगार बोर्ड के सेक्रेटरी तक शिमला भेजेंगे
- केस मंजूर करने का अधिकार मुख्यमंत्री के पास रहता है
किन दस्तावेजों की पड़ेगी आवश्यकता ?
- आवेदन में विधवा या एकल महिला या दिव्यांग का प्रमाण पत्र
- इनकम सर्टिफिकेट
- जमाबंदी-ततीमा
- पंचायत सेक्रेटरी या अर्बन लोकल बॉडी की NOC
- परमानेंट रेजिडेंट सर्टिफिकेट
- बैंक पासबुक की कॉपी
- आधार कार्ड
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महिलाओं हेतु चल रही आवास योजना
सुक्खू सरकार की इस योजना का नाम है- मुख्यमंत्री विधवा, एकल, दिव्यांग महिला आवास योजना- जिसके तहत असहाय महिलाओं को अपना घर बनाने का मौका मिलेगा। महिलाओं को बस अपनी पात्रता सिद्ध करनी है ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके।
3 किश्तों में जारी किए जाएंगे 3 लाख
3 लाख की मदद चार किश्तों में मिलती है। पहले चरण में 1 लाख, दूसरे चरण में भी 1 लाख और तीसरे व चौथे चरण में 50-50 हजार रुपए कामगार बोर्ड से जारी किए जाते हैं। घर पैसे मिलने के दो साल के अंदर बनाना होता है जो पहले से जमा करवाए गए मैप के हिसाब से बनता है।
