शिमला। अकसर हम ये देखते हैं कि घर पर रह रहे बुजुर्गों की तबीयत को लेकर घर वाले काफी टेंशन में रहते हैं। ये टेंशन उनके स्वास्थ्य को लेकर तो रहती ही है लेकिन ये लंबे-चौड़े मेडिकल बिल्स को लेकर भी होती है। ऐसे में प्रदेश की सुक्खू सरकार ये टेंशन कम करने की दिशा में काम कर रही है।
मुफ्त मेडिकल फेसेलिटी दे रही सरकार
सुक्खू सरकार की मुख्यमंत्री सुख आरोग्य योजना राज्य के किसानों और बुजुर्गों को मुफ्त मेडिकल फेसेलिटी उपलब्ध करवा रही है। इस योजना का मकसद यही है कि उम्र के आखिरी पड़ाव में बुजुर्गों की सेहत दुरुस्त रहे और वे किसी पर आश्रित ना रहें।
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कौन ले सकता है योजना का लाभ ?
- लाभार्थी हिमाचल का स्थायी निवासी हो
- उम्र 70 साल से ज्यादा हो
- आयकर श्रेणी में ना आता हो
- किसी पेंशन का हकदार ना हो
किन दस्तावेजों की पड़ेगी आवश्यकता ?
- स्थायी निवासी प्रमाण पत्र
- पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर कार्ड, राशनकार्ड)
- जन्म प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
- किसान संबंधित दस्तावेज (अगर लागू हो)
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ऑनलाइन ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन
हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री सुख आरोग्य योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। ये आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यम से स्वीकार किए जाते हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए-
- ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं और रजिस्टर करें
- आवेदन फॉर्म भरें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
- अब आवेदन जमा कर सकते हैं
इस योजना से बुजुर्गों पर नहीं पड़ेगा वित्तीय बोझ
योजना के तहत लाभार्थियों को सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री सुख आरोग्य योजना केवल एक सरकारी पहल नहीं बल्कि राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मान और सुरक्षा का एक प्रमाण है। ये योजना सुनिश्चित करती है कि बुढ़ापे में स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं उन्हें परेशान ना करें और वे वित्तीय बोझ से मुक्त होकर गुणवत्ता पूर्ण इलाज का लाभ उठा सकें।
