शिमला। हिमाचल प्रदेश के लिए एक बुरी खबर है। प्रदेश में डायबिटिज के मरीज बढ़ रहे हैं। ये मरीज बुजुर्ग नहीं ब्लकि युवा भी हैं। इतना ही नहीं, बच्चे भी इस समस्या का शिकार हो रहे हैं। ICMR के पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 30 साल से ज्यादा उम्र की 11 से 13 फीसदी आबादी मधुमेह का शिकार हो रही है। एक और चिंता का विषय ये है कि इस रोग की चपेट में आ चुके रोगियों के अलावा 29 फीसदी तक के 30 साल से ज्यादा उम्र के लोग प्री डायबिटिक स्टेज में हैं। वहीं सबसे ज्यादा चिंता इस बात की है कि अब बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
क्यों होती है डायबिटिज ?
- कोई शारीरिक गतिविधि ना करना
- खराब खान-पान व खराब जीवनशैली
- ज्यादा मीठा खाना व अनियमित नींद
- तनाव भी हो सकता है एक कारण
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क्या करने से कम होगी समस्या ?
- वयस्कों के लिए सप्ताह में 150 मिनट व्यायाम
- बच्चों के लिए रोज एक घंटे का आउटडोर खेल
- आहार से मैदा व रिफाइंट को आउट कर देना
- साबुत अनाज व मिलेट्स को खाना
- मीठे व तले खाद्य पदार्थ कम करना
- रोज सक्रिय रहें, 30–45 मिनट टहलें
- साइकिल चलाएं, योग भी करें
- साबुत अनाज, मिलेट्स, फल और सब्जियां खाएं
- रिफाइंड आटा, मीठे स्नैक और सॉफ्ट ड्रिंक्स कम करें
- नींद तनाव पर रखें नियंत्रण, 7 से 8 घंटे की नींद लें
- ब्लड शुगर, बीपी और वजन की नियमित मॉनिटरिंग करें
- आंख, किडनी और पैर की वार्षिक जांच को ना भूलें
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30 से ज्यादा उम्र के लोग करवाएं जांच
आजकल ये जरूरी हो गया है कि 30 साल की उम्र पार करने पर साल में एक बार शूगर लेवल की जांच करवा लेनी चाहिए। अगर किसी के परिवार में पहले से डायबिटीज है तो उन्हें तो स्क्रीनिंग अवश्य करवानी चाहिए। अपने बच्चों पर भी खास नजर रखें, कहीं वे भी इस समस्या का शिकार तो नहीं।
