मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में करण सिंह श्री कामधेनू पंचगव्य उद्योग चलाते हैं। करण गाय के गोबर से कई चीजें बनाते हैं। अब उन्होंने गाय के गोबर की राखी तैयार की है। करण वोकल फॉर लोकल में विश्वास रखते हैं।
राखी बन जाएगी पौधा
करण सिंह बताते हैं कि गोबर से बनी राखियों के बीच में औषधीय पौधों के बीज डाले गए हैं। पहले तो इस राखी को कलाई पर बांधा जाएगा और जब कोई इसे उतारकर फेंक देगा तो भी ये बेकार नहीं जाएगी। कुछ दिनों बाद उस जगह पर पौधा उग आएगा।
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दूसरे राज्यों से मिल रहे ऑर्डर
गोबर से बनी इन राखियों के लिए हरियाणा, दिल्ली, यूपी और महाराष्ट्र से ऑर्डर मिल रहे हैं। जल्दी ही इन राज्यों में भी इन राखियों की सप्लाई भेजी जाएगी। बता दें कि एक राखी की कीमत 30 रुपये रखी गई है और ये लोकल मार्केट में मिलना शुरू हो गई है। बता दें कि ये उद्योग 5 रूपये प्रति किलो के हिसाब से गाय का गोबर खरीदता है।
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वोकल फॉर लोकल की प्रेरणा
करण कहते हैं कि आजकल कस्टमर लोकल मेड उत्पाद पसंद करते हैं। यहीं से उन्हें वोकल फॉर लोकर उत्पाद बनाने की प्रेरण मिलती है। करण का स्टार्टअप अब तक गाय के गोबर से कई उत्पाद बना चुका है। इस काम में ग्रामीण महिलाएं भी जुड़ी हैं जो अपने घर में दिन भर इस काम को करके आजीविका कमा रहीं हैं।
दूसरों तक भी पहुंचाएं जानकारी
अगर आप भी वोकल फॉर लोकल को सपोर्ट करते हैं। अगर आप इको फ्रेंडली चीजों को बढ़ावा देते हैं। अगर आप चाहते हैं कि हमारी पृथ्वी पेड़-पौधों से भरी रहे तो आपको भी ये राखी खरीदनी चाहिए।
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जो पर्यावरण को रखें सुरक्षित
इतना ही नहीं, आपको इस राखी और इस तरह के उत्पादों के बारे में दूसरों को भी बताना चाहिए। पर्यावरण में हो रहे बदलावों को बैलेंस करने के लिए हमें अपने आसपास की चीजों को धीर-धीरे उन चीजों से बदलना होगा जो पर्यावरण को सुरक्षित रखने में योगदान करती हैं।
