शिमला। हिमाचल प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद से ही सुक्खू सरकार करीब करीब हर माह कर्ज ले रही है। प्रदेश पर कर्ज का बोझ इस कदर बढ़ गया है, कि प्रदेश में पैदा होने वाले हर बच्चे के सिर पर एक लाख से भी अधिक का कर्ज है। इस सब के बीच अब हिमाचल सरकार एक बार फिर कर्ज लेने जा रही है। बड़ी बात यह है कि मार्च माह में सुक्खू सरकार दूसरी बार कर्ज ले रही है।

मार्च माह में दूसरी बार ले रही कर्ज

हिमाचल की सुक्खू सरकार के पास कर्मचारियों और पेंशनरों को वेतन और पेंशन देने तक के पैसे नहीं हैं। जिसके लिए सरकार को कर्ज लेना पड़ रहा है। सुक्खू सरकार अब 672 करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है। यह भी पढ़ें : जयराम के दांव से बैकफुट पर सुक्खू: अभी महिलाओं को नहीं मिलेंगे 1500 रुपए, जानें इससे पहले इसी माह में सरकार ने 1100 करोड़ का कर्ज लेने के लिए आवेदन किया था। सुक्खू सरकार द्वारा लिया जा रहा 672 करोड़ रुपए का ऋण 26 मार्च को सरकारी कोष में जमा हो जाएगा।

पैदा होते ही बच्चे के सिर एक लाख से अधिक का कर्ज

हिमाचल सरकार ने यह कर्ज 15 वर्ष की अवधि के लिए लिया है, यानी सरकार को 15 साल में यह कर्ज लौटाना होगा। बता दें कि सुक्खू सरकार इस वर्ष अब तक 7,700 करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है। जिसमें अब यह 672 करोड़ रुपए का कर्ज भी जुड़ जाएगा। यह भी पढ़ें : राजनीतिक गहमागहमी के बीच प्रियंका गांधी को साथ लेकर शिमला पहुंचे CM सुक्खू इस कर्ज के बाद हिमाचल पर कर्ज का बोझ बढ़कर 81,362 करोड़ रुपए हो जाएगा। ऐसे में अब प्रदेश में पैदा होने वाले हर बच्चे के सिर पर औसतन 1,02,818 रुपए से अधिक का कर्ज चढ़ जाएगा। जबकि भाजपा सरकार के सत्ता में आने से पहले प्रति व्यक्ति कर्ज 76,630 रुपए था।

सुक्खू सरकार कहां से देगी महिलाओं को 1500 रुपए

अब सवाल यह उठता है कि जब हिमाचल के विकास कार्य कर्ज के सहारे चल रहे हैं और कर्मचारियों, पेंशनरों को वेतन, पेंशन देने तक के पैसे भी सुक्खू सरकार के पास नहीं हैं। तो सीएम सुक्खू प्रदेश की करीब पांच लाख महिलाओं को हर माह 1500-1500 रुपए कहां से देंगे। यह भी पढ़ें : जयराम ने बताया: बागियों को देंगे सम्मान लेकिन टिकट तय करेगा हाईकमान प्रदेश की तंगहाली को देखते हुए तो ऐसा लगता है कि महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत 1500-1500 रुपए देने की बात मात्र चुनावी स्टंट ही है। यह भी पढ़ें : जयराम के दांव से बैकफुट पर सुक्खू: अभी महिलाओं को नहीं मिलेंगे 1500 रुपए, जानें