शिमला। हिमाचल प्रदेश के बाजारों में मिलने वाली चीजों की शुद्धता पर भरोसा किया जा सकता है लेकिन जब संबंधित विभागों की जांच पड़ताल में पता चले कि हिमाचल में भी कई चीजें ऐसी हैं जो मिलावटी हैं तो लोगों की चिंता बढ़ना लाजमी है। इसी कड़ी में घी वो चीज है जो हर घर में मिलती है लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाजार से लाया गया घी जो आपके घर की किचन में है, वो मिलावटी हो सकता है ? आज यही जानने की कोशिश करेंगे।
हर रसोई का अहम हिस्सा घी
घी सिर्फ स्वाद के लिए नहीं खाया जाता, इसे स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। ऐसे में ये हर घर की रसोई का अहम हिस्सा है। वहीं इस अहम चीज के साथ छेड़खानी होने लगी है। मार्केट में जमकर मिलावटी घी की बिक्री हो रही है।
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शरीर के लिए नुकसानदायक
दुकानदार थोड़े से पैसे कमाने के लालच में मिलावटी घी की सेल करते हैं। सोचिए अगर आप भी इस मिलावटी घी को खा रहे हैं तो ये आपके लिए भी कितना नुकसानदायक हो सकता है। इसका आपकी हेल्थ पर नेगेटिव असर पड़ सकता है।
इन चीजों का रखें ध्यान
- शुद्ध घी का रंग हल्का सुनहरा व पीला होता है
- शुद्ध घी लंबे समय तक खराब या बदबूदार नहीं होता
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इस तरीके से चेक करें घी की मिलावट
- एक कटोरी में घी लें
- इसमें आयोडीन की 2-3 बूंदें डालें
- अगर घी का रंग बदल जाए तो घी मिलावटी है
इस तरीके से भी कर सकते हैं जांच
- घी में HCL मिलाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें
- अगर घी का रंग लाल हो जाए तो ये मिलावटी है
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पाचन तंत्र में आती है समस्या
अकसर घी को आकर्षक पैकेजिंग दी जाती है जिससे लोग इसे शुद्ध समझ लेते हैं और मिलावटी घी का ही सेवन कर लेते हैं। इससे आपके पाचन तंत्र में समस्या आ सकती है। इससे आपको पेट दर्द, गैस, दस्ता या फिर उल्टी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
गांवों से खरीद सकते हैं घी
ऐसे में ये जरूरी है कि आप शु्द्ध घी की पहचान कर सकें। साथ ही ये भी ध्यान रखें कि आप घी विश्वसनीय ब्रैंड से ही लें या फिर गांवों में मिलने वाले घी को भी खरीदा जा सकता है जो बाजार वाले घी से कहीं ज्यादा अच्छा होता है।
